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पनसप, पनग्रेन का 12 करोड़ का धान गायब
Firozpur
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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फिरोजपुर। मल्लांवाला रोड स्थित एक शैलर से पनसप और पनग्रेन का रखा लगभग दो लाख 54 हजार धान के बैग खुर्दबुर्द होने का मामला सामने आया है। इस धान की कीमत तकरीबन 12 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस मामले को संबंधित विभाग के अधिकारी दबाने की कोशिश में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि उक्त शैलर में लगभग डेढ़ लाख धान के बैग पनसप और बाकी के बैग पनग्रेन एजेंसी के थे। उधर, डीएफएसओ दिलबाग सिंह से जब इस संबंधी पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस मामले में वे कुछ नहीं कह सकते। इसके बारे में डीएफसी और पनसप व पनग्रेन के अधिकारी ही बता सकेंगे। जब डीएफसी एचएस मोखा से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। दूसरी तरफ पनसप के डीएम ढिल्लो का मोबाइल फोन स्विच आफ था।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि सरकारी खरीद एजेंसी पनसप व पनग्रेन ने 2011-12 का धान उक्त शैलर को चावल निकालने के लिए दिया था। इसमें पनसप का लगभग डेढ़ लाख धान के बैग और पनग्रेन के तकरीबन एक लाख धान के बैग थे। इनकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बनती है। उक्त शैलर मालिकों ने इस साल दो लाख बैग चावल बनाकर देना था, जो नहीं दिया। बताया जा रहा है कि उक्त शैलर में धान के बैग गायब है। संबंधित विभाग के अधिकारी उक्त मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं।
हर पंद्रह दिन बाद होती माल की चेकिंग
शैलर को दिया धान के बैग की डीएफएसओ, इंस्पेक्टर व एजेंसी के अधिकारी हर पंद्रह दिन बाद चेकिंग करते हैं। यही नहीं वहां पड़ा राजिस्टर पर उक्त अधिकारियों के हस्ताक्षर भी होते हैं। वहां तैनात चौकीदारों के भी हस्ताक्षर होते हैं। फिलहाल शैलर से धान के बैग गायब हैं, लेकिन अधिकारी कागजों में अपनी कार्रवाई पूरी कर रहे हैं।
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विभागीय सूत्रों का कहना है कि सरकारी खरीद एजेंसी पनसप व पनग्रेन ने 2011-12 का धान उक्त शैलर को चावल निकालने के लिए दिया था। इसमें पनसप का लगभग डेढ़ लाख धान के बैग और पनग्रेन के तकरीबन एक लाख धान के बैग थे। इनकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बनती है। उक्त शैलर मालिकों ने इस साल दो लाख बैग चावल बनाकर देना था, जो नहीं दिया। बताया जा रहा है कि उक्त शैलर में धान के बैग गायब है। संबंधित विभाग के अधिकारी उक्त मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं।
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हर पंद्रह दिन बाद होती माल की चेकिंग
शैलर को दिया धान के बैग की डीएफएसओ, इंस्पेक्टर व एजेंसी के अधिकारी हर पंद्रह दिन बाद चेकिंग करते हैं। यही नहीं वहां पड़ा राजिस्टर पर उक्त अधिकारियों के हस्ताक्षर भी होते हैं। वहां तैनात चौकीदारों के भी हस्ताक्षर होते हैं। फिलहाल शैलर से धान के बैग गायब हैं, लेकिन अधिकारी कागजों में अपनी कार्रवाई पूरी कर रहे हैं।
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