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बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में पंजाब बंद: कर्मचारियों ने निकाला रोष मार्च, DSP को बर्खास्त करने की मांग
Thu, 30 Jul 2026 01:24 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:24 PM IST
सार
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बरनाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर जिस तरह पुलिस ने लाठीचार्ज किया, वह लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
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मुल्लांपुर दाखा में सफाई कर्मियों ने निकाला रोष मार्च
- फोटो : संवाद
विस्तार
बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज पंजाब बंद है। पंजाब बंद का असर वीरवार को मुल्लांपुर दाखा में भी पूरी तरह देखने को मिला।
कस्बे के बाजार सुबह से ही बंद रहे और चारों ओर सन्नाटा पसरा रहा। इस बीच सफाई कर्मचारियों ने विशाल रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार, पंजाब पुलिस और विशेष रूप से बरनाला पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को कीरतपुर साहिब का बाजार सुबह 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक पूरी तरह बंद रहा। शहर के लगभग सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। शुरुआत में कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोली थीं, लेकिन सफाई कर्मचारियों ने टेंपो के माध्यम से पूरे शहर में मुनादी कर उनसे हड़ताल के समर्थन में दुकानें बंद करने की अपील की।
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कस्बे के बाजार सुबह से ही बंद रहे और चारों ओर सन्नाटा पसरा रहा। इस बीच सफाई कर्मचारियों ने विशाल रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार, पंजाब पुलिस और विशेष रूप से बरनाला पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को कीरतपुर साहिब का बाजार सुबह 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक पूरी तरह बंद रहा। शहर के लगभग सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। शुरुआत में कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोली थीं, लेकिन सफाई कर्मचारियों ने टेंपो के माध्यम से पूरे शहर में मुनादी कर उनसे हड़ताल के समर्थन में दुकानें बंद करने की अपील की।
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फरीदकोट में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन
सफाई सेवक यूनियन की तरफ से बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में दिए गए पंजाब बंद का असर वीरवार को फरीदकोट में साफ दिखाई दिया। सुबह से ही शहर के अधिकांश बाजार बंद रहे, जिससे आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, जबकि नगर काउंसिल कार्यालय के बाहर सफाई कर्मचारियों ने धरना देकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनके समर्थन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी पहुंचे। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका विरोध केवल अपनी मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि बरनाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ है।
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जालंधर में निगम दफ्तर के बाहर प्रदर्शन
जालंधर निगम कार्यालय के बाहर कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि आज जालंधर शहर बंद नहीं रहा, लेकिन पंजाब बंद के आह्वान का असर राज्य के कई अन्य जिलों में देखने को मिला।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि डीएसपी को सस्पेंड करने के बजाय बर्खास्त नहीं किया गया और संबंधित पुलिस कर्मियों पर सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई नहीं हुई, तो जालंधर सहित पूरे पंजाब में दोबारा बंद का आह्वान किया जाएगा। एसआईटी के गठन पर भी प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की केवल जांच नहीं, बल्कि लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सीधी और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
नेता बंटू सभ्रवाल ने कहा कि आज पंजाब बंद का आह्वान था, लेकिन जालंधर में केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। उन्होंने दोहराया कि उनकी मुख्य मांग डीएसपी को केवल निलंबित नहीं, बल्कि सेवा से बर्खास्त करने की है। उनका कहना था कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जालंधर निगम कार्यालय के बाहर कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि आज जालंधर शहर बंद नहीं रहा, लेकिन पंजाब बंद के आह्वान का असर राज्य के कई अन्य जिलों में देखने को मिला।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि डीएसपी को सस्पेंड करने के बजाय बर्खास्त नहीं किया गया और संबंधित पुलिस कर्मियों पर सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई नहीं हुई, तो जालंधर सहित पूरे पंजाब में दोबारा बंद का आह्वान किया जाएगा। एसआईटी के गठन पर भी प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की केवल जांच नहीं, बल्कि लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सीधी और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
नेता बंटू सभ्रवाल ने कहा कि आज पंजाब बंद का आह्वान था, लेकिन जालंधर में केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। उन्होंने दोहराया कि उनकी मुख्य मांग डीएसपी को केवल निलंबित नहीं, बल्कि सेवा से बर्खास्त करने की है। उनका कहना था कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।