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सफेद मक्खी प्रभावित किसानों का विरोध जारी, कोठा गुरुका में मलूका पर भड़के किसान

Wed, 18 Nov 2015 03:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा Updated Wed, 18 Nov 2015 03:09 PM IST
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Farmers continue to resist white fly, upstairs in Guruka farmer raging on Maluka
प्रदेश में सफेद मक्खी प्रभावित किसानों और खेत मजदूरों की ओर से लगातार अकाली मंत्रियों का विरोध जारी है।
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जिले के गांव कोठा गुरुका में मंगलवार को ग्रामीण विकास मंत्री सिकंदर सिंह मलूका 23 नवंबर को होने वाली सद्भावना रैली के लिए संबोधित कर रहे थे।

इस दौरान वहां किसानों और खेत मजदूरों ने मलूका का विरोध करना शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें रोका, लेकिन जब वे नहीं माने तो उन्हें खदेड़ने के लिए हलका लाठीचार्ज करना पड़ा।

पुलिस ने छह महिलाओं समेत 11 को काबू कर 30 नवंबर तक जेल भेज दिया। किसान नेताओं ने अकाली दल के वर्करों पर उनसे मारपीट के अलावा डराने के लिए हवाई फायरिंग करने के आरोप लगाए हैं।
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पुलिस ने गुरजीत कौर, मालण कौर, गुरमेल कौर, सुरजीत कौर, मनजीत कौर, गुरमीत कौर, किसान नेता बलविंदर सिंह, कर्मा सिंह, रमनजीत सिंह, जंटा सिंह और सुखजीत सिंह को गिरफ्तार किया है।  
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किसान नेता शिंगारा सिंह, बसंत सिंह और कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की नालायकी से उनकी कपास की फसल खराब हुई है। उन्होंने कहा कि इसके बाद आठ किसान जत्थेबंदियों व चार खेत मजदूर यूनियनों ने अकाली दल के हर मंत्री का विरोध करने का निर्णय लिया था।

इसके तहत वे मंगलवार को ग्रामीण विकास मंत्री सिकंदर सिंह मलूका का विरोध करने गांव कोठा गुरुका पहुंचे थे। मलूका वहां पर 23 नवंबर को होने वाली सद्भावना रैली के लिए लोगों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि वहां पर तैनात पुलिस ने तो उनको लाठीचार्ज कर भगाने की कोशिश की। साथ ही मलूका समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। फायरिंग कर उनको डराने की कोशिश भी की।


किसान नेताओं ने कहा कि पुलिस और अकाली नेता अपनी गुंडागर्दी के साथ उनकी आवाज को दबाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे तब तक अकालियों का विरोध करते रहेंगे जब तक किसानों को उनकी बर्बाद हुई फसल का पांच लाख मुआवजा और खेत मजदूरों को बीस हजार प्रति परिवार मुआवजा नहीं मिल जाता। अकाली मंत्री सिकंदर सिंह मलूका के पीए ने व्यस्त होने का कहकर फोन काट दिया।
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