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भड़के हेल्थ कर्मियों ने निकाला रोष मार्च
Bathinda
Updated Sat, 22 Jun 2013 05:30 AM IST
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बठिंडा। रुरल हेल्थ फार्मासिस्ट के आत्महत्या करने पर पंजाब सरकार के विरुद्ध भड़के रुरल हेल्थ कर्मियों ने रोष मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। समूह कर्मियों ने जिला परिषद से रोष मार्च शुरू करते हुए विभिन्न मुख्य बाजारों में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपने साथी की मौत के लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया और उसके परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की। यूनियन प्रवक्ता जगमोहन शर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने अपना अड़ियल रवैया न बदला तो दुखी रूरल हेल्थ कर्मी तंग आकर यही रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। रुरल हेल्थ फार्मासिस्ट और दर्जा चार यूनियन के प्रतिनिधि जगमोहन शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार 17 दिनों से संघर्षरत कर्मियों की मांगों पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझ रही है, जिससे कर्मियों में रोष की लहर है। उन्होंने कहा कि 24 जून को पटियाला में होने वाली रैली से सरकार को उनके आक्रोश का पता लग जाएगा जब समूह कर्मी पंचायत मंत्री की कोठी का घेराव करेंगे। अगर फिर भी उनकी मांगे नहीं मानी गई तो कड़ा संघर्ष शुरू किया जाएगा। उन्होंने रोष जताया कि सरकार की गलत व मुलाजिम विरोधी नीतियों के कारण सात साल से गांवों की स्वास्थ्य व पशु डिस्पेंसरियों में कार्यरत फार्मासिस्ट और दर्जा चार कर्मी बेहद नाममात्र वेतन पर काम कर रहे हैं। जब तक सरकार उनकी मांगे मानते हुए उनकी रेगुलर भर्ती नहीं करती तब तक वह संघर्ष जारी रखेंगे।
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