फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Bathinda News ›   सीजेएम कोर्ट ने अभिभावकों को सौंपी छात्रा

सीजेएम कोर्ट ने अभिभावकों को सौंपी छात्रा

Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
Bathinda
Bathinda Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
फरीदकोट। सीजेएम डा.रजनीश की अदालत ने बहुचर्चित अपहरण कांड की पीड़ित छात्रा को उसकी सहमति के आधार पर अभिभावकों के हवाले कर दिया। बुधवार को अभिभावकों की एक याचिका पर उसकी इच्छा जानने के लिए उसे अदालत में पेश किया गया था।
विज्ञापन

पीड़ित छात्रा के माता पिता ने बीती 16 नवंबर को अपने वकील कर्मजीत धालीवाल और एनके जीत के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर करके अपनी बेटी को दोबारा अदालत में बुलाने और उसकी इच्छा जानने का आग्रह किया था। इस याचिका पर अदालत की तरफ से बीती 19 नवंबर को दिए गए आदेश के आधार पर बुधवार को जिला पुलिस ने छात्रा को अदालत में पेश किया। याचिका की सुनवाई के दौरान छात्रा ने अदालत के सामने अभिभावकों के साथ जाने की इच्छा जताई जिसके आधार पर अदालत ने उसे माता पिता को सौंप दिया। उसके गर्भ गिराने संबंधी पिता के याचिका पर अदालत ने कहा कि चूंकि छात्रा अभिभावकों के हवाले की जा चुकी है और कानून के मुताबिक अब इस बात का फैसला अभिभावक अपने स्तर पर ले सकते है। अदालत का फैसला आते आते ही वहां मौजूद छात्रा के अभिभावकों समेत एक्शन कमेटी के तमाम सदस्यों की आंखों के आंसू झलक पड़े। इस फैसले पर अभिभावकों ने खुशी जताई और वह अदालत से अपनी बेटी को साथ फिलहाल किसी अज्ञात स्थान पर ले गए।
विज्ञापन

मालूम हो कि करीब एक माह पहले छात्रा के गोवा से बरामद होने के बाद उसे 23 अक्तूबर को अदालत में पेश किया गया था। उस दिन छात्रा के विरोधाभासी बयान देने के कारण अदालत ने उसे जालंधर के नारी निकेतन भेज दिया था। उस दिन छात्रा ने पहले बयान दिया कि वह परिवार के पास जाना चाहती है, लेकिन कुछ समय बाद ही उसने दूसरा बयान दे दिया कि वह परिवार के पास नहीं जाना चाहती।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब कानूनी लड़ाई लड़ेगी एक्शन कमेटी

फरीदकोट। पीड़ित छात्रा की घर वापसी के बाद गुंडागर्दी विरोधी एक्शन कमेटी ने बुधवार को अपना आंदोलन वापिस लेते हुए आरोपियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई पर अपना ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है। एक्शन कमेटी ने पिछले 60 दिन से थाना कोतवाली के आगे चल रहे रोष धरने को उठाते हुए 27 नवंबर को जालंधर में प्रस्तावित प्रदर्शन भी रद कर दिया है। छात्रा को परिवार के हवाले करने के बाद एक्शन कमेटी की तरफ से शहर के बाजारों से विजयी मार्च भी निकाला गया। एक्शन कमेटी ने कहा कि यह फैसला लोगों की जीत का प्रतीक है और आने वाले दिनों में घटना के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी जंग जारी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed