मौसम का मिजाज: मौसम विभाग बोला- आज ओडिशा में भारी बारिश के आसार, तटीय जिलों में हाई अलर्ट; मछुआरों के लिए सलाह
ओडिशा सरकार ने 23 सितंबर की रात गहरे दबाव के टकराने की आशंका के मद्देनजर भारी बारिश और तेज हवाओं से निपटने की तैयारी की है। कई तटीय जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
विस्तार
ओडिशा सरकार ने 21 सितंबर, सोमवार को बताया कि उसने गहरे दबाव के प्रभाव से निपटने के लिए रणनीतिक स्थानों पर कर्मियों और मशीनों को तैनात किया है। यह गहरा दबाव 23 सितंबर की रात को राज्य से टकराने की संभावना है। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक में राज्य की तैयारियों की समीक्षा की। 11 जिलों के जिलाधिकारियों ने इस बैठक में ऑनलाइन भाग लिया। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम मध्य और उससे सटे उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव लगभग पश्चिम की ओर बढ़ गया है। ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 250 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, पुरी से 270 किमी दक्षिणपूर्व में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
निम्न दबाव का असर कहां दिखेगा?
निम्न दबाव का क्षेत्र आंध्र प्रदेश के कलिंगापटनम से 330 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व और विशाखापत्तनम से 410 किमी पूर्व में भी है। मौसम विभाग ने रात करीब 2.39 पर जारी अपडेट में कहा, अगले 24 घंटों के दौरान निम्न दबाव का क्षेत्र गहरे निम्न दबाव में बदलने की प्रबल संभावना है। 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर, 2026 की सुबह तक गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर, विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों पर इसका असर दिखेगा।
The Depression over Westcentral & adjoining Northwest Bay of Bengal, moved nearly westwards and lay centred at 2330 hrs IST of 21st September, 2026, over the same region near latitude 17.8°N and longitude 87.2°E, about 250 km east-southeast of Gopalpur (Odisha), 270 km southeast… pic.twitter.com/FSKkL9g09R
विज्ञापन विज्ञापन— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 21, 2026
मछुआरों को 24 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह
गर्ग ने जिलाधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर चक्रवात और बाढ़ आश्रयों को तैयार रखने का निर्देश दिया। गंजम जिलाधिकारी वी कीर्ति वासन ने बताया कि उन्होंने दिन में कई चक्रवात आश्रयों का दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। लोगों को आगामी मौसम की स्थिति के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर, बालासोर, भद्रक और केंद्रपाड़ा जैसे तटीय जिलों के जिलाधिकारियों ने सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणालियों का उपयोग करके मछुआरों को 24 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
कम दबाव का क्षेत्र, विशाखापत्तनम तक असर
जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन्हें वापस लौटने के लिए कहा गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र एक दबाव में बदल गया है। यह प्रणाली 21 सितंबर को शाम 5:30 बजे पुरी से करीब 310 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित थी। IMD ने बताया कि यह मौसम प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान गहरे दबाव में बदलने की प्रबल संभावना है। यह 23 सितंबर की रात को विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच तटों को पार करेगी।
क्या यह चक्रवाती तूफान में बदलेगा?
यह पूछे जाने पर कि क्या यह प्रणाली चक्रवाती तूफान में बदल सकती है, अनु गर्ग ने स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि IMD ने इसके गहरे दबाव में बदलने का पूर्वानुमान लगाया है, चक्रवात में नहीं। गर्ग ने बताया कि सरकार ने राज्य के तटीय और दक्षिणी क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं से निपटने के लिए आवश्यक कर्मियों और मशीनों को तैनात किया है। उन्होंने संक्षेप में कहा कि यह मौसम प्रणाली बहुत अधिक बारिश लाएगी। इसमें हवा की गति अपेक्षाकृत कम होगी। इसलिए, राज्य स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
किन क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी है?
IMD भुवनेश्वर केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश शुरू हो गई है। यह बारिश 25 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है। दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों के लिए 23 से 25 सितंबर तक रेड अलर्ट जारी किया गया है। 23-24 सितंबर को कोरापुट, गजपति और गंजम में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। कुछ अलग-थलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। कालाहांडी, नवरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए भी 24-25 सितंबर तक रेड अलर्ट जारी किया गया है।
हवा की गति कितनी रहेगी?
IMD ने बताया कि 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर तथा उनसे दूर तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन हवाओं की गति 55-65 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। हवा के झोंके 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। यह स्थिति मछुआरों और तटीय निवासियों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है। सरकार ने सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए हैं।
उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई शुरू
वहीं, उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन जाते-जाते मौसम फिर करवट ले सकता है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसम तंत्र के असर से बुधवार से प्रदेश के कुछ हिस्सों में दो-तीन दिन तक छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि मंगलवार को प्रदेश में बारिश की कोई चेतावनी नहीं है और मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 21 सितंबर को राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू हो गई है। पंजाब और हरियाणा से भी मानसून पूरी तरह लौट चुका है। अगले दो-तीन दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके बाद मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश से भी मानसून की औपचारिक विदाई होगी।
राजस्थान में मौसम का हाल?
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर अब तेज हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून वापसी की रेखा जैसलमेर, नागौर और सीकर से गुजर रही है। अगले 2-3 दिनों में राज्य के कुछ और हिस्सों से मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके साथ ही प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अब मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
हालांकि मानसून की विदाई के बीच दक्षिणी राजस्थान में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। 22 सितंबर को कोटा और उदयपुर संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने के आसार हैं। सोमवार को भी प्रदेश में अधिकांश जगह मौसम शुष्क रहा, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई।