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किसानों की समस्या के समाधान के लिए पहल करें मोदी-कैप्टन : सुखबीर
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अमृतसर में श्री अकाल तख्त पर रखे अखंड पाठ की अरदास के लिए पहुंचे शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर ?
- फोटो : AMRITSAR
शिअद (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया है कि किसानों के मौजूदा संकट को हल करने के लिए न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रयास कर रहे हैं। किसान संगठनों के साथ बातचीत करने के लिए प्रधानमंत्री खुद पहल करें। वे किसानों की बात सुनें क्योंकि सरकारी अधिकारी इस मसले का हल नहीं निकाल पाएंगे। सुखबीर बादल रविवार को अपनी पत्नी पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और बच्चों के साथ श्री हरमंदिर साहिब में अरदास करने के बाद सूचना केंद्र कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र और पंजाब सरकार ने इस संकट के हल के गंभीर प्रयास न किए तो इसके परिणाम घातक होंगे। पंजाब सरकार द्वारा किसानों के साथ बातचीत करने के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी किसानों पर दबाव डालने के लिए है। इस कमेटी का काम किसानों की समस्या का हल करना नहीं, बल्कि उन पर दबाव डाल कर उन्हें धरना उठाने के लिए मनाना है। कैप्टन अमरिंदर जनप्रतिनिधि हैं। उनका फर्ज है कि वह किसानों के मसले पर बातचीत करने के लिए खुद दिल्ली जाएं लेकिन वे अपने फार्म हाउस से बाहर नहीं निकलते। यदि प्रदेश के सीएम का रवैया यही रहा तो किसानों की समस्या का हल नहीं होगा। इस मामले के हल के लिए सभी पार्टियों को एकजुट होना पडे़गा। शिअद इस प्रकार के किसी भी प्रयास में पीछे चलने को तैयार है। इससे पहले बादल परिवार ने अरदास की और पवित्र परिक्रमा के दर्शन किए।
शिअद एसजीपीसी चुनाव के लिए तैयार
सुखबीर ने कहा कि शिअद (बादल) एसजीपीसी चुनाव के लिए तैयार है। शिअद गुरुद्वारा चुनाव आयोग के कमिश्नर की नियुक्ति का स्वागत करती है। एसजीपीसी का चुनाव कोई भी संगठन या राजनीतिक पार्टी लड़े, शिअद इसका स्वागत करता है। एसजीपीसी सिखों की लघु संसद है। इसका संचालन कौन सी पार्टी करेगी, इसका फैसला संगत को करना है। एसजीपीसी चुनाव को लेकर शिअद कार्यकर्ताओं पर कोई दबाव नहीं है। एक शताब्दी से एसजीपीसी का संचालन शिअद कर रही है। एसजीपीसी के सदस्य सिख संगत द्वारा चुने जाते हैं।
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सिद्धू के लिए शिअद के सभी रास्ते बंद
नवजोत सिद्धू को शिअद में शामिल करने के सवाल पर सुखबीर ने कहा कि सिद्धू को कभी शिअद में शामिल नहीं किया जा सकता। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश की सभी सीटों से चुनाव लड़ने का जो सपना पाले हुए है, 2022 के चुनाव में पूरा कर उसके परिणाम देखने के लिए इंतजार करे।
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उन्होंने कहा कि यदि केंद्र और पंजाब सरकार ने इस संकट के हल के गंभीर प्रयास न किए तो इसके परिणाम घातक होंगे। पंजाब सरकार द्वारा किसानों के साथ बातचीत करने के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी किसानों पर दबाव डालने के लिए है। इस कमेटी का काम किसानों की समस्या का हल करना नहीं, बल्कि उन पर दबाव डाल कर उन्हें धरना उठाने के लिए मनाना है। कैप्टन अमरिंदर जनप्रतिनिधि हैं। उनका फर्ज है कि वह किसानों के मसले पर बातचीत करने के लिए खुद दिल्ली जाएं लेकिन वे अपने फार्म हाउस से बाहर नहीं निकलते। यदि प्रदेश के सीएम का रवैया यही रहा तो किसानों की समस्या का हल नहीं होगा। इस मामले के हल के लिए सभी पार्टियों को एकजुट होना पडे़गा। शिअद इस प्रकार के किसी भी प्रयास में पीछे चलने को तैयार है। इससे पहले बादल परिवार ने अरदास की और पवित्र परिक्रमा के दर्शन किए।
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शिअद एसजीपीसी चुनाव के लिए तैयार
सुखबीर ने कहा कि शिअद (बादल) एसजीपीसी चुनाव के लिए तैयार है। शिअद गुरुद्वारा चुनाव आयोग के कमिश्नर की नियुक्ति का स्वागत करती है। एसजीपीसी का चुनाव कोई भी संगठन या राजनीतिक पार्टी लड़े, शिअद इसका स्वागत करता है। एसजीपीसी सिखों की लघु संसद है। इसका संचालन कौन सी पार्टी करेगी, इसका फैसला संगत को करना है। एसजीपीसी चुनाव को लेकर शिअद कार्यकर्ताओं पर कोई दबाव नहीं है। एक शताब्दी से एसजीपीसी का संचालन शिअद कर रही है। एसजीपीसी के सदस्य सिख संगत द्वारा चुने जाते हैं।
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सिद्धू के लिए शिअद के सभी रास्ते बंद
नवजोत सिद्धू को शिअद में शामिल करने के सवाल पर सुखबीर ने कहा कि सिद्धू को कभी शिअद में शामिल नहीं किया जा सकता। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश की सभी सीटों से चुनाव लड़ने का जो सपना पाले हुए है, 2022 के चुनाव में पूरा कर उसके परिणाम देखने के लिए इंतजार करे।