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वतन लौटने का इंतजार: अटारी सीमा पर फंसे पाकिस्तान के हिंदू श्रद्धालु, खाने के लिए भी नहीं बचे रुपये
Thu, 05 Aug 2021 09:52 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 05 Aug 2021 09:52 PM IST
सार
पाकिस्तान से हरिद्वार की यात्रा के लिए आए कई हिंदु परिवार अटारी सीमा पर फंस गए हैं। पाकिस्तान सरकार ने अभी वतन वापसी की इजाजत नहीं दी है। इन श्रद्धालुओं को पास के ही एक इंजीनियरिंग कॉलेज में शरण दी गई है।
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अटारी सीमा पर फंसे पाकिस्तानी हिंदू श्रद्धालु।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पाकिस्तान से हरिद्वार की यात्रा पर आए दर्जनों हिंदू परिवार वतन लौटने के इंतजार में पंजाब के अमृतसर में अटारी सीमा पर फंसे हैं। यह लोग अलग-अलग समय में वाघा-अटारी सीमा के रास्ते भारत पहुंचे थे, मगर कोविड संकट की वजह से ये हिंदू परिवार भारत में ही फंस गए।
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हिंदू जत्थे के मुखिया वजीर के साथ यह लोग अटारी सीमा के रास्ते वतन लौटने की इजाजत की उम्मीद लेकर बुधवार को अटारी पहुंचे थे। इजाजत नहीं मिलने पर यह यहीं फंस गए। अटारी सीमांत बाबा कुमा सिंह इंजीनियरिंग कॉलेज में बाबा गुरपिंदर सिंह वडाला ने इन्हें शरण दी।
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पाकिस्तानी हिंदू जत्थे के मुखिया वजीर के साथ 50 से 55 लोग। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। अब इनके पास रोटी खाने के लिए भी पैसा नहीं बचे हैं। वजीर ने कहा कि वे लंबे समय से भारत में फंसे हैं। इस दौरान पाकिस्तान दूतावास ने उनकी कोई मदद नहीं, जबकि उनके पास पाकिस्तान का पासपोर्ट और वापस जाने के लिए भारत सरकार के दस्तावेज भी मौजूद हैं
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जत्थे में शामिल भागमल ने बताया कि वे इस उम्मीद के साथ बुधवार को अटारी पहुंचे थे कि पाकिस्तान की सरकार अपने नागरिकों के लिए जीरो लाइन पर गेट खोल देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके पास भारत सरकार द्वारा जारी वापसी संबंधी दस्तावेज हैं। हालात यह हैं कि अगर उन्हें बाबा गुरपिंदर सिंह वडाला खाने-पीने और रहने की इजाजत नहीं देते तो हम सबके सामने बहुत बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती।