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अमीरों का खाना बनता देख सांसद बोले ! खा, ना
Updated Sun, 14 Jan 2018 10:17 PM IST
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शताब्दी का खाना बनता देख सांसद बोले, ना खाना
शताब्दी एक्सप्रेस में परोसा जाने वाले खाना भिजवाया जांच के लिए लैब
बर्तन गंदे और मसाले देसी मिले, ब्रांडेड मसाले व मच्छर मार दवा नहीं मिली
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
अगर आप के किसी भी रिश्तेदार या जानकार ने रविवार शाम अमृतसर-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा की हो तो उनसे पूछना कि डिनर कैसा था, यानि की शताब्दी में परोसा गया खाना कैसा लगा। क्योंकि जिले के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने इसी ट्रेन में परोसा जाने वाले डिनर की रसोई का जायजा लेने के बाद बोले कि यह खाना, खा-ना। सांसद ने खाने के सैंपल खुद ही लिए और सेहत विभाग की लैब से जांच कराने के लिए भेज दिया। रिपोर्ट दो दिन में आ जाएगी।
सांसद ने डायरी में लिखवाया है कि सफाई थी, लेकिन पर्याप्त नहीं। आटा से लेकर मसाला तक कोई ब्रांडेड नहीं। साफ बर्तनों में गंदगी दिखी। मच्छर भिनभिना रहे थे। रसोई में खाना तैयार करने के लिए कोई भी आरओ सिस्टम नहीं था। सड़क से रसोई दिखती है और धूल रसोई तक पहुंचती है। चावल परमल के दिखे तो आटा चक्की का।
सांसद गुरदजीत सिंह औजला सुर्खियों में रहने और जनता के हितो से जोड़कर मुद्दे उठाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन करने लगे हैं। मीडिया के कैमरों के बीच कभी जीएनडीएच तो कभी सिविल अस्पताल। कभी दलाल पकड़ लेते हैं तो कभी जहाज का मुद्दा ले आते हैं। कुल मिलाकर सांसद के स्टिंग ऑपरेशन सोशल मीडिया में तुरंत वायरल हो जाता है और इसे वायरल करने के लिए बाकायदा सांसद की टीम है।
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नल के पानी से तैयार खाना खाते थे
शताब्दी एक्सप्रेस में ब्रांडेड पानी पीने वाले नलके के पानी पी रहे थे, हैरान मत हो। आपने भी शताब्दी में परोसी गई दाल पी होगी। पानी के लिए कोई आरओ सिस्टम नहीं लगा था। शताब्दी में जाने वाले अधिकांश यात्री ऐसे हैं जिन्होंने नल के पानी का बहिष्कार कर रखा है।
रेलमंत्री से शिकायत करूंगा: औजला
सांसद गुरजीत औजला ने कहा कि मैं इस बारे में रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिलकर उन्हें सबूत दूंगा, वीडियो दिखाउंगा। हैरानी की बात है कि फिरोजपुर रेल डिवीजन के अधिकारी भी विजिट नहीं करते, कम से कम ऐसा होता तो खाने का स्तर व साफ-सफाई बेहतर होती। या तो यह लोग काम बेहतर करेंगे नहीं तो दूसरे को जिम्मेदारी दिलाएंगे।
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शताब्दी एक्सप्रेस में परोसा जाने वाले खाना भिजवाया जांच के लिए लैब
बर्तन गंदे और मसाले देसी मिले, ब्रांडेड मसाले व मच्छर मार दवा नहीं मिली
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
अगर आप के किसी भी रिश्तेदार या जानकार ने रविवार शाम अमृतसर-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा की हो तो उनसे पूछना कि डिनर कैसा था, यानि की शताब्दी में परोसा गया खाना कैसा लगा। क्योंकि जिले के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने इसी ट्रेन में परोसा जाने वाले डिनर की रसोई का जायजा लेने के बाद बोले कि यह खाना, खा-ना। सांसद ने खाने के सैंपल खुद ही लिए और सेहत विभाग की लैब से जांच कराने के लिए भेज दिया। रिपोर्ट दो दिन में आ जाएगी।
सांसद ने डायरी में लिखवाया है कि सफाई थी, लेकिन पर्याप्त नहीं। आटा से लेकर मसाला तक कोई ब्रांडेड नहीं। साफ बर्तनों में गंदगी दिखी। मच्छर भिनभिना रहे थे। रसोई में खाना तैयार करने के लिए कोई भी आरओ सिस्टम नहीं था। सड़क से रसोई दिखती है और धूल रसोई तक पहुंचती है। चावल परमल के दिखे तो आटा चक्की का।
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सांसद गुरदजीत सिंह औजला सुर्खियों में रहने और जनता के हितो से जोड़कर मुद्दे उठाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन करने लगे हैं। मीडिया के कैमरों के बीच कभी जीएनडीएच तो कभी सिविल अस्पताल। कभी दलाल पकड़ लेते हैं तो कभी जहाज का मुद्दा ले आते हैं। कुल मिलाकर सांसद के स्टिंग ऑपरेशन सोशल मीडिया में तुरंत वायरल हो जाता है और इसे वायरल करने के लिए बाकायदा सांसद की टीम है।
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नल के पानी से तैयार खाना खाते थे
शताब्दी एक्सप्रेस में ब्रांडेड पानी पीने वाले नलके के पानी पी रहे थे, हैरान मत हो। आपने भी शताब्दी में परोसी गई दाल पी होगी। पानी के लिए कोई आरओ सिस्टम नहीं लगा था। शताब्दी में जाने वाले अधिकांश यात्री ऐसे हैं जिन्होंने नल के पानी का बहिष्कार कर रखा है।
रेलमंत्री से शिकायत करूंगा: औजला
सांसद गुरजीत औजला ने कहा कि मैं इस बारे में रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिलकर उन्हें सबूत दूंगा, वीडियो दिखाउंगा। हैरानी की बात है कि फिरोजपुर रेल डिवीजन के अधिकारी भी विजिट नहीं करते, कम से कम ऐसा होता तो खाने का स्तर व साफ-सफाई बेहतर होती। या तो यह लोग काम बेहतर करेंगे नहीं तो दूसरे को जिम्मेदारी दिलाएंगे।