नकली मोबिल ऑयल का मामला: पुलिस ने 12 आरोपियों को भेजा जेल, सप्लायर की तलाश
नकली मोबिल ऑयल बनाने के 12 आरोपियों को पुलिस ने एक जून को पकड़ा था। पुलिस को अब सप्लायर की तलाश है। जेल भेजे गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि सप्लायर नकली मोबिल ऑयल के खरीद के फर्जी कागजात दिखाया था।
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आगरा के खंदौली में पुलिस ने नकली मोबिल ऑयल की फैक्टरी पकड़कर 12 आरोपियों को जेल भेजा। अब पुलिस इस कारोबार से जुड़े आरोपियों पर कार्रवाई के लिए विवेचना में जुटी है। इसमें पता चला है कि नकली माल को सप्लाई करने के लिए आरोपी नकली कागजात भी तैयार करते थे, जिससे रास्ते में वाहन को रोकने पर दिखाए जा सकें। अब इस संबंध में जीएसटी अधिकारियों को भी पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है। वहीं फरार सप्लायर सहित दो आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एक जून को खंदौली में यमुना एक्सप्रेसवे पर पुलिस और एसओजी ने एक टेंपो पकड़ा था। इसमें मोबिल ऑयल भरा हुआ था। तीन लोग पकड़े गए थे। यह मोबिल ऑयल नकली था। इसे पीलीपोखर स्थित एक फैक्टरी में बनाया जा रहा था। इसके बाद डिब्बों में भरकर बेचने के लिए ले जा रहे थे। पुलिस ने छापा मारकर नौ अभियुक्त को पकड़ लिया था।
फैक्टरी से भारी मात्रा में नकली मोबिल ऑयल और भारी मात्रा में पैकिंग का सामान बरामद किया था। आरोपियों में अरमान, सनी अहमद, इकरार, समीर, शाहरुख, मुजीब, वसीम, कादिर, मुईन, कादिर उर्फ गुड्डू, जीशान और शोहिद को गिरफ्तार किया। उन्हें जेल भेजा था। शारिक और शकील फरार हो गए थे। उनकी तलाश की जा रही है। शारिक ही सप्लाई का काम करता है। शकील मैनेजर है।
थाना खंदौली के प्रभारी अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि यह मेटाडोर में छिपाकर नकली मोबिल ऑयल के डिब्बों को आगरा से बाहर ले जाते थे। नकली मोबिल ऑयल की सप्लाई पूर्वांचल के जिलों में होती है। यह भी पता चला है कि चालक के साथ सप्लायर अपने साथ फर्जी कागजात भी रखता है।
रास्ते में पकड़े जाने पर कागजात दिखा देते थे। इस संबंध में कार्रवाई के लिए जीएसटी विभाग में पत्र लिखा जाएगा, जिससे मोबिल ऑयल से भरे वाहनों के कागजात गहनता से चेक किए जा सकें। वहीं फरार आरोपी शारिक और शकील की तलाश में दबिश दी जा रही है। वह घरों से फरार हो गए हैं।
छत्ता में पकड़े आरोपियों पर नहीं लगा गैंगस्टर
पुलिस ने वर्ष 2020 में थाना एत्माद्दौला, छत्ता और ताजगंज में नकली मोबिल की फैक्टरी, गोदाम और पैकिंग की फैक्टरी पकड़ी थीं। छत्ता के जीन खाना में वर्षों में नकली मोबिल ऑयल का धंधा चल रहा था। मुकदमे भी दर्ज किए गए थे। छत्ता में ही 28 आरोपियों को नामजद किया।
आरोपी जेल भेजे गए, वह जमानत पर बाहर आ गए। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर में कार्रवाई नहीं की गई। वहीं खंदौली में पकड़ी फैक्टरी से पकड़े गए सनी और अरमान पूर्व में जेल भेजे गए थे। जेल से बाहर आते ही उन्होंने यह कारोबार फिर से शुरू कर दिया। मगर, इस बार फैक्टरी शहर की जगह देहात में खोली गई।