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manto ka afsana badsurati
मंटो के अफसाने

मंटो का अफसानाः बदसूरती

10 April 2023

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9:21
साजिदा और हामिदा दो बहनें थीं। साजिदा छोटी और हामिदा बड़ी। साजिदा ख़ुश शक्ल थी। उनके माँ-बाप को ये मुश्किल दरपेश थी कि साजिदा के रिश्ते आते मगर हामिदा के मुतअल्लिक़ कोई बात न करता। साजिदा ख़ुश शक्ल थी मगर उसके साथ उसे बनना सँवरना भी आता था। उसके मुक़ाबले में हामिदा बहुत सीधी साधी थी। उसके ख़द्द-ओ-ख़ाल भी पुरकशिश न थे। साजिदा बड़ी चंचल थी। दोनों जब कॉलेज में पढ़ती थीं तो साजिदा ड्रामों में हिस्सा लेती। उसकी आवाज़ भी अच्छी थी, सुर में गा सकती थी। हामिदा को कोई पूछता भी नहीं था। 

मंटो का अफसानाः बदसूरती

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एक मद्रासी डॉक्टर के दूसरे प्रेम-विवाह की त्रासदी पर आधारित कहानी। वह डॉक्टर बेहद बेतकल्लुफ़ था। अपने दोस्तों पर बेहिसाब ख़र्च किया करता था। तभी उसकी एक औरत से दोस्ती हो गई जो उस से पहले अपने तीन शौहरों को तलाक़़ दे चुकी थी...

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बड़े ने मुड़ कर देखा। एक लड़की थी जो सर्दी में ठिठुरती, कांपती, क़दमों से रास्ता टटोलते उनकी जानिब आ रही थी। जब पास पहुंची तो उसने देखा कि अंधी है, आंखें खुली थीं मगर उसको सुझाई नहीं देता था क्योंकि खंबे के साथ वो टकराते टकराते बची थी...
 

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यह एक आज़ादी के दीवाने मंगू कोचवान की कहानी है। एक दिन उसे पता चलता है कि भारत में नया क़ानून आने वाला है, जिससे भारत से अंग्रेज़ राज ख़त्म हो जाएगा। इसी खु़शी में वह क़ानून लागू होने वाली तारीख़ वाले दिन एक अंग्रेज़ के साथ झगड़ा करता है और जेल पहुँच जाता है...
 

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