फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तिरंगे में लिपटा कलेजा का टुकड़ा: बलिदानी गोस्वामी की विदाई में रोया अल्मोड़ा, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा हुजूम

Mon, 08 Jun 2026 03:26 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Published by: गायत्री जोशी Updated Mon, 08 Jun 2026 03:26 PM IST
सार

राजौरी में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को अल्मोड़ा के विश्वनाथ घाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। श्रद्धांजलि के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े और सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी।

विज्ञापन
martyr lieutenant bireshwar goswami cremated with full military honours in almora
नम आंखों से दी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को अंतिम विदाई। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

 जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का पार्थिव शरीर रविवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अल्मोड़ा पहुंचा। अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर का पार्थिव शरीर सेना के विमान से जम्मू से पंतनगर एयरपोर्ट लाया गया। वहां से सेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से अल्मोड़ा स्थित आर्मी हेलीपैड पहुंचाया गया। हेलीपैड पर सेना के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक अंतिम सलामी दी। इसके बाद सेना के वाहन में पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके पांडेखोला स्थित आवास ले जाया गया। रास्ते भर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। अनेक स्थानों पर लोगों ने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर पुष्प वर्षा की और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नगर भारत माता की जय और शहीद बीरेश्वर गोस्वामी अमर रहे के जयकारों से गूंज उठा।

 

 

martyr lieutenant bireshwar goswami cremated with full military honours in almora
पार्थिव शरीर को घाट ले जाते सेना के जवान। - फोटो : संवाद

पांडेखोला स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी। परिजन, रिश्तेदार, मित्र, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी वहां पहुंचे और शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। तिरंगे से लिपटे बेटे का पार्थिव शरीर देखकर माता पिता और अन्य परिजन बिलख बिलख कर रो पडे़। इस दौरान हर आंख नम दिखाई दी। अंतिम दर्शन के बाद शहीद बीरेश्वर गोस्वामी की अंतिम यात्रा निकाली गई। उनकी पार्थिव देह को विश्वनाथ घाट ले जाया गया जहां पूरे सैन्य सम्मान और रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के चाचा और उनके बड़े भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। विश्वनाथ घाट पर आयोजित अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारतीय सेना ने शस्त्र झुकाकर एवं गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर शहीद अधिकारी को अंतिम सलामी दी गई। सैन्य परंपराओं के अनुरूप पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

 

martyr lieutenant bireshwar goswami cremated with full military honours in almora
शहीद को अंतिम सलामी देते सेना के अधिकारी और जवान। - फोटो : संवाद
इस दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा उन्होंने शोक संतृप्त परिवार के प्रति गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र एवं सैन्य अधिकारियों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।इस दौरान विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, रवि रौतेला, बिट्टू कर्नाटक समेत कई सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
martyr lieutenant bireshwar goswami cremated with full military honours in almora
तिरंगे से लिपटे बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर रोती बिलखी मां। - फोटो : संवाद

दो दिन बाद बनने वाले थे कैप्टन

लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का सैन्य कॅरिअर बेहद उज्ज्वल था। जनवरी 2023 में सेना में शामिल होने के बाद जून 2024 में उन्हें कमीशन मिला था। ठीक दो दिन बाद ही वह कैप्टन बनने वाले थे। परिवार और सहकर्मी इस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रहे थे लेकिन इससे पहले ही वह देश सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दे गए।

 

विज्ञापन
martyr lieutenant bireshwar goswami cremated with full military honours in almora
लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी - फोटो : फाइल फोटो

मेधावी छात्र और गौरवशाली पृष्ठभूमि

शहीद बीरेश्वर गोस्वामी मूल रूप से अल्मोड़ा के बगवालीपोखर (बाड़ी) के निवासी थे और वर्तमान में उनका परिवार पांडेखोला (अथरबनी) में रहता है। उनके पिता प्रमोद नाथ गोस्वामी भनोली तहसील में प्रशासनिक अधिकारी हैं और माता सरस्वती गोस्वामी प्राथमिक विद्यालय वल्सा में शिक्षिका हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed