बिजनौर की गली मोहल्ले के अधिकांश कम पढ़े लिखे दोस्तों का गिरोह बनाकर मुख्यारोपी लवी पाल ने मुंबई के बॉलीवुड तक नेटवर्क फैला दिया। आरोपी छोटे कलाकारों को कार्यक्रम में आमंत्रित कर दिल्ली एयरपोर्ट बुलाते और उन्हें अगवा कर दो से पांच लाख रुपये तक की फिरौती वसूल लेते थे। गिरोह में छह महीने पहले बीएएलएलबी शशांक चौधरी की एंट्री हुई तो बड़े कलाकारों को अगवा करने की लिस्ट तैयार कर ली गई।गिरोह ने अभिनेता अरुण बख्शी, राजेश पुरी, मुश्ताक, सुनील पाल को अगवा कर वसूली की। अगला नंबर अभिनेता शक्ति कपूर का था।
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सुनील पाल
- फोटो : इंस्टाग्राम
कॉमेडियन सुनील पाल की फिल्म ‘कॉफी विद अलोन’ में गिरोह का मास्टरमाइंड लवी पाल अपनी पत्नी गुड्डी के साथ मुंबई में गया था। लवी पाल के पिता जयपाल की 20 साल पहले मौत हो गई थी। मां और चाचा ने उसकी परवरिश की। वह बहुत शातिर है और बचपन से ऊंचे सपने देखकर लोगों को ठग लेता था। लवी पाल ने परिवार के लोगों को भी धोखा दिया। वर्ष 2016 में लवी पाल मुंबई में घूमने चला गया, जहां पर करीब दो-तीन महीने रुका। इस दौरान उसकी मुलाकात बाॅलीवुड के कई कलाकारों से हुई।
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सीसीटीवी फुटेज
- फोटो : अमर उजाला
शुरुआत में लवी पाल के गैंग में आजिम, सबीउद्दीन, अर्जुन और एक रिश्तेदार था। 6 माह पूर्व जनकपुरी गाजियाबाद निवासी शशांक से लवी पाल की मुलाकात हुई। मेरठ व बिजनौर पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी इवेंट कंपनी की आगे एक साल की योजना के बारे में बताया है। कलाकार भी बदमाशों से छुटकारा पाने के बाद पुलिस को घटनाक्रम के बारे में नहीं बताते थे। यही वजह है कि फर्जी इवेंट कंपनी का नेटवर्क बढ़ता चला गया।
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मुश्ताक खान
- फोटो : अमर उजाला
एयरपोर्ट से रिसीव करते, फिर घटना के बाद वहीं छोड़ते
आरोपियों ने फिल्म अभिनेता अरुण बख्शी को दिल्ली बुलाया था। रिसीव कर अपहरण कर लिया। लेकिन किसी वजह से आरोपी उन्हें वापस दिल्ली छोड़ आए थे। मुश्ताक, सुनील के बाद अभिनेता शक्ति कपूर को भी अपहरण करने की योजना बनाई। इवेंट में शक्ति कूपर को आमंत्रित कर दिया था, लेकिन एडवांस फीस ज्यादा होने की वजह से बात नहीं बनी थी। हालांकि बातचीत का सिलसिला अभी जारी था।
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लवी पाल
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस बनकर करते थे फ्लाइट की बुकिंग
एसपी ने बताया कि अभिनेताओं को फोन करने वाला राहुल सैनी कोई और नहीं बल्कि लवी पाल ही है। उसका नाम लवी चौधरी है, वह अपना नाम सुशांत और हिमांशू भी बताता है। सुशांत के नाम से उसने सभासद पद का चुनाव लड़ा था। आरोपी शशांक अभिनेताओं की बुकिंग होने के बाद उनके लिए फ्लाइट के टिकट बुक करता था। फिरौती वसूलने के बाद भी आरोपी एयर टिकट के पैसे देकर अभिनेता को वापस भेजते थे। लवी ने गिरोह के अन्य सदस्यों को बता रखा था कि शशांक पुलिस में है। अजीम मोबाइल सर्विस की दुकान पर काम करता था।