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Women's Day 2026: हाउसमेकर से लेकर कामकाजी महिलाओं तक, हर किसी को जानने चाहिए ये 5 अधिकार
Sun, 08 Mar 2026 08:04 AM IST
Shruti Gaur
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Sun, 08 Mar 2026 08:04 AM IST
सार
5 Rights Every Woman Should Know: चाहे आप कामकाजी महिला हों, या फिर हाउसमेकर हों, आपको इन पांच अधिकारों के बारे में अवश्य पता होना चाहिए।
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महिला दिवस पर जानें ये पांच अहम अधिकार
- फोटो : अमर उजाला
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Women's Legal Rights In India: हर साल 8 मार्च का दिन महिलाओं को समपर्पित होता है, क्योंकि हर साल 8 मार्च को पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। ये दिन हर महिला को सम्मान देने के लिए होता है, भले ही वो हाउसमेकर हो, या फिर कामकाजी महिला हों।
महिला दिवस पर जानें ये पांच अहम अधिकार
- फोटो : adobe stock
1. शिक्षा का अधिकार
भारतीय संविधान की अनुच्छेद 15(1) और 15(3) महिलाओं के खिलाफ भेदभाव को रोकते हैं और शिक्षा के समान अवसर सुनिश्चित करते हैं। ऐसे में कोई भी परिवार ये नहीं कह सकता कि वो सिर्फ अपने घर के लड़कों को पढ़ने भेजेगा, और लड़कियों को नहींं।
भारतीय संविधान की अनुच्छेद 15(1) और 15(3) महिलाओं के खिलाफ भेदभाव को रोकते हैं और शिक्षा के समान अवसर सुनिश्चित करते हैं। ऐसे में कोई भी परिवार ये नहीं कह सकता कि वो सिर्फ अपने घर के लड़कों को पढ़ने भेजेगा, और लड़कियों को नहींं।
महिला दिवस पर जानें ये पांच अहम अधिकार
- फोटो : Adobe Stock Photos
2. स्वास्थ्य का अधिकार
भारतीय कानून के तहत महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिलना अनिवार्य है। मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 सुरक्षित प्रसव और मातृत्व अवकाश सुनिश्चित करता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति और प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को कानूनी मान्यता दी गई है।
भारतीय कानून के तहत महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिलना अनिवार्य है। मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 सुरक्षित प्रसव और मातृत्व अवकाश सुनिश्चित करता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति और प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को कानूनी मान्यता दी गई है।
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महिला दिवस पर जानें ये पांच अहम अधिकार
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3. समान वेतन और रोजगार का अधिकार
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 39(a) और 39(d) समान वेतन और काम के समान अवसर सुनिश्चित करता है। इसके अलावा भेदभाव उन्मूलन अधिनियम 1976 के तहत पुरुष और महिला कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देना अनिवार्य है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 39(a) और 39(d) समान वेतन और काम के समान अवसर सुनिश्चित करता है। इसके अलावा भेदभाव उन्मूलन अधिनियम 1976 के तहत पुरुष और महिला कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देना अनिवार्य है।
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4. सुरक्षा का अधिकार
भारतीय संविधान की अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देती है। इसके अलावा महिला सुरक्षा कानून जैसे घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, शोषण रोकथाम अधिनियम और धारा 498A महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
भारतीय संविधान की अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देती है। इसके अलावा महिला सुरक्षा कानून जैसे घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, शोषण रोकथाम अधिनियम और धारा 498A महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।