Car Scrapping Process In India: जब गाड़ी पुरानी हो जाती है तो उसके रख-रखाव में पहले से ज्यादा खर्च आता है। इतना ही नहीं, पुरानी गाड़ियां नई गाड़ियों की तुलना में कहीं ज्यादा प्रदूषण फैलाती हैं। इन्हीं परेशानियों से बचने के लिए सरकार गाड़ियों की स्क्रैपिंग कराती है। हमारे देश के विभिन्न राज्यों में स्क्रैपिंग के अलग-अलग नियम होते हैं। दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं है।
ध्यान दें: ऐसे करवा सकते हैं अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप, सरकार देती है ये ढेरों फायदे
हालांकि, इन गाड़ियों को बेचा जा सकता है और दूसरे राज्य में फिर से रजिस्टर्ड करवाया जा सकता है। लेकिन री-रजिस्ट्रेशन आमतौर पर महंगा होता है, इसलिए ज्यादातर लोग गाड़ियों की स्क्रैपिंग कराने का विकल्प चुनते हैं। परिवहन विभाग के अधिकृत स्क्रैपर्स के माध्यम से इन पुराने वाहनों को स्क्रैप किया जा सकता है। पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने के कई फायदे भी होते हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
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स्क्रैपिंग के लाभ
- जब पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करने के लिए गाड़ी किसी सेलर को देते हैं तो बदले में गाड़ी की कुछ वैल्यू मिलती है।
- जब पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराते हैं तो एक प्रमाणपत्र मिलता है। उस प्रमाणपत्र की मदद से नई गाड़ी खरीदते समय रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगती है।
- इस प्रमाणपत्र के आधार पर राज्य सरकारें नए वाहन के लिए रोड टैक्स पर रियायत देती हैं। गैर-परिवहन वाहनों के लिए यह छूट 25% तक और परिवहन वाहनों के लिए 15% तक हो सकती है।
- प्रमाणपत्र को दिखाने पर नए वाहन खरीदने पर 10 प्रतिशत तक की छूट भी मिलती है। यह छूट पुराने वाहन के लिए प्राप्त स्क्रैप मूल्य के अतिरिक्त दी जाती है।
वाहन स्क्रैप कराने की प्रक्रिया-
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://vscrap.parivahan.gov.in/vehiclescrap/vahan/welcome.xhtml पर जाएं
- 'व्हीकल ओनर' पर क्लिक करके अपना आधार नंबर भरना है
- इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करें और अपनी पहचान वेरिफाई करवाएं
- अब 'स्क्रैप योर व्हीकल' पर टैप करना है और फिर चेसिस नंबर या इंजन नंबर के अंतिम 5 अंक दर्ज करने हैं
- अब अपना राज्य चुनें और उस कंपनी का चयन करें जिससे आप अपना वाहन स्क्रैप करवाना चाहते हैं
- सभी जरूरी दस्तावेज जैसे - वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र, वाहन मालिक की आईडी, पता आदि अपलोड करें
- इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद कंपनी आपको फोन के माध्यम से संपर्क करती है।