New Parliament Building: नए संसद भवन में मंगलवार से कामकाज शुरू हो गया। नई संसद में कुल 1280 सासदों के बैठने की व्यस्था है। लोकतंत्र का मंदिर यानी संसद भवन काफी खूबसूरत दिखता है। संसद भवन के द्वार पर सत्यमेव जयते लिखा गया है। संसद का वर्तमान भवन 1927 में बन था, जो अब करीब 100 साल पुराना होने वाला है। इसके दोनों सदनों में सांसदों के बैठने की सुविधाजनक व्यवस्था का अभाव होने की वजह से नई संसद की जरूरत थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुराने संसद भवन का नाम 'संविधान सदन' रखा है। अब पुरानी संसद भवन को 'संविधान सदन' के नाम से जाना जाएगा। आइए जानते हैं इस नए संसद भवन की खास बातें...
New Parliament Building: 1200 करोड़ में बनकर तैयार हुई नई संसद है हाईटेक, जानिए इसकी खास बातें...
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इन कारणों से बढ़ गई निर्माण की लागत
नई संसद भवन की इमारत का निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स ने किया है। इमारत को बनाने का कार्य तेजी से शुरू किया गया था, लेकिन दो साल बाद 2022 में इसकी लागत 200 करोड़ तक और बढ़ गई। बजट बढ़ने की वजह स्टील और अन्य सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरे कार्य थे। मॉर्डन ऑडियो-वीडियो विजुअल सिस्टम, सांसदों की टेबल पर टैबलेट जैसी चीजों की वजह से खर्च में बढ़ोत्तरी हुई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट (CPWD) ने 200 करोड़ की बढ़ोत्तरी के बाद संसद भवन निर्माण की लागत 1200 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद जातई थी। 1200 करोड़ में बनी नई संसद में कामकाज शुरू हो चुका है।
नए भवन में बैठ सकते हैं 1280 सदस्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल मई में नए संसद भवन का उद्घाटन किया था। इस भवन में लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों, तो राज्यसभा कक्ष में 300 सदस्यों के आराम से बैठने की व्यस्था है। अगर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक होती है, तो लोकसभा कक्ष में कुल 1280 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है।
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अधिकारी कर्मचारियों के लिए हाईटेक ऑफिस
नए संसद भवन में सुरक्षा को देखते हुए कई इंतजाम किए गए हैं। इस इमारत में छह प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इनमें से तीन अश्व, गज और गरुड़ गेट औपचारिक द्वार हैं। इन गेटों का उपराष्ट्रपति, स्पीकर और प्रधानमंत्री इस्तेमाल करेंगे। तीन अन्य द्वार मकर गेट, शार्दूल गेट और हंस गेट का सांसदों और जनता के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। नई संसद भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के ऑफिसों को भी हाईटेक बनाया गया है। इनमें कैफे, डाइनिंग एरिया, कमेटी मीटिंग के अलग-अलग कमरों में हाईटेक डिवाइसेज को लगाया गया है। कॉमन रूम्स, महिलाओं के लिए लाउंज और वीआईपी लाउंज की भी व्यवस्था है।
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संसद भवन को किसने किया डिजाइन
गुजरात बेस्ड एक आर्किटेक्चर फर्म HCP डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने नए संसद भवन का डिजाइन बनाया है। इस भवन के मुख्य आर्किटेक्ट बिमल पटेल हैं, जिन्होंने कई बड़ी इमारतों को डिजाइन किया है। बिमल पटेल को आर्किटेक्टर क्षेत्र में असाधारण कार्य के लिए साल 2019 में पद्मश्री भी मिल चुका है।