MGNREGA Scheme: जहां एक तरफ राज्य सरकारें अपने-अपने प्रदेश के लोगों के लिए सरकारी योजनाएं चलाती है, तो वहीं दूसरी तरफ भारत सरकार भी कई योजनाओं का संचालन कर रही है। जहां एक तरफ कई नई योजनाओं को पिछले कुछ वर्षों में शुरू किया गया है, तो वहीं कई पुरानी योजनाओं को दुरुस्त भी किया गया है।
लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभ देने और दूसरे कारणों से योजनाओं के नाम से लेकर मिलने वाले लाभों में तक बदलाव किए गए हैं। इसी क्रम में बीते दिन केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा योजना का नाम बदल दिया है। साथ ही फायदे भी बड़ा दिए हैं। अब अगर आपका मनरेगा से जुड़ा कोई सवाल है, तो आप उसका जवाब यहां जान सकते हैं। अगली स्लाइड्स में आप इस योजना के बारे में जान सकते हैं...
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मनरेगा योजना का नया नाम क्या है?
- फोटो : Adobe Stock
सवाल: योजना का क्या नया नाम रखा?
जवाब: पहले योजना का नाम मनरेगा था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना कर दिया है।
सवाल: कब शुरू हुई थी योजना?
जवाब: मनरेगा योजना को साल 2005 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया था।
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सवाल: क्या फायदा है इस योजना का?
जवाब: यह योजना प्रत्येक वित्तीय वर्ष में किसी भी ग्रामीण परिवार के उन वयस्क सदस्यों को रोजगार उपलब्ध कराती है। इस योजना का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में का के अधिकार को कानूनी गारंटी देना है।
सवाल: पहले क्या लाभ मिलते थे योजना में?
जवाब: अब तक योजना के तहत ग्रामीण परिवार को एक साल में कम से कम 100 दिनों का रोजगार दिया जाता था। इसके लिए 220 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाती थी।
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सवाल: अब क्या नया फायदा मिलेगा योजना में?
जवाब: जहां पहले गारंटी वाले रोजगार के दिनों की संख्या 100 थी, पर अब से 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। साथ ही 220 रुपये की रोजाना मजदूरी को बढ़ाकर 240 रुपये प्रतिदन कर दिया गया है।
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सवाल: क्या-क्या काम करवाए जाते हैं योजना के तहत?
जवाब: इस योजना के तहत सड़क निर्माण, जल संरक्षण, तालाब खुदाई, बागवानी और सामुदायिक विकास जैसे कई अन्य काम करवाए जाते हैं।