Train Rule For Passengers: बात जब भी किसी सफर पर जाने की होती है तो लोग ऐसे वाहन से जाना पसंद करते हैं जो आरामदायक होने के साथ ही आपको आपके गंतव्य तक समय पर पहुंचा दे। ऐसे में एक बड़ा तबका भारतीय ट्रेन से सफर करता है जिसके लिए रेलवे रोजाना एक बड़ी संख्या में देश के अलग-अलग शहरों के लिए ट्रेनें चलाता है। आपको भी अगर ट्रेन से सफर करना है तो आपको इसके लिए ट्रेन टिकट लेना होता है और इसके बाद आप ट्रेन से अपनी यात्रा पूरी कर सकते हैं।
वहीं, अगर आप रेल से सफर कर रहे हैं तो आपके लिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि आपको ट्रेन में कौन से नियमों का पालन करना जरूरी होता है, क्योंकि अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप पर जुर्माना लग सकता है, आपको सजा मिल सकता है या फिर ये दोनों भी हो सकते हैं। जैसे, रील्स को लेकर भी ट्रेनों में नियम है। तो चलिए जानते हैं रेलवे का ये नियम क्या कहता है और इसमें सजा-जुर्मानें का क्या प्रावधान है...
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ट्रेन में रील्स देखने पर कितना जुर्माना लगता है?
- फोटो : Adobe Stock
एक मामला आया सामने
- दरअसल, हाल ही में ट्रेन का एक ऐसा मामला सामने आया। जहां पर एक शख्स सुबह लगभग साढ़े 5 बजे तेज आवाज में रील देखने लगा। इससे बाकी यात्रियों को खासी दिक्कतें हुईं। ऐसे में आपके लिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि स्पीकर पर वीडियो, रील, कोई गाना आदि चलाने पर आपके ऊपर जुर्माना लग सकता है।
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ट्रेन में रील्स देखने पर कितना जुर्माना लगता है?
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जान लें नियम
- भारतीय ट्रेनों में 'आफ्टर 10 पीएम रूल' चलता है जिसका मतलब होता है कि रात 10 बजे के बाद यात्रियों को ट्रेन में शांति बनाए रखनी होती है। तेज आवाज में गाने, वीडियो, रील्स, कॉल पर तेज आवाज में किसी से बात करने जैसी चीजें नहीं की जा सकती। ध्यान दें कि आपकी वजह से दूसरे यात्रियों को दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
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ट्रेन में रील्स देखने पर कितना जुर्माना लगता है?
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क्या है जुर्माने और सजा का प्रावधान?
- अगर कोई यात्री स्पीकर पर रील, वीडियो, गाने आदि चलाता है, तो पहले उसे चेतावनी दी जाती है कि वो ऐसा न करे। पर अगर कोई नहीं मानता है तो उस पर 500-1000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। कई मामलों में यात्रियों को स्टेशन पर उतारा भी जा सकता है।
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नियमों का पालन करवाना इनकी होती है जिम्मेदारी
- जान लें कि रेलवे एक्ट, 1989 की धारा 145 के मुताबिक, ट्रेन में शांति भंग करना या दूसरों को परेशान करना दंडनीय अपराध है। अगर कोई भी ट्रेन में नियमों का पालन नहीं करता है तो इन नियमों को लागू करवाने की जिम्मेदारी टीटीई और आरपीएफ यानी रेलवे पुलिस की होती है। रेलवे के जनरल कोच से लेकर स्लीपर और एसी के सभी कोचों में ये नियम लागू होता है।