G-20 Summit: देश की राजधानी कुछ दिनों से आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी और इसका मुख्य कारण था यहां हुआ जी20 शिखर सम्मेलन। दरअसल, 9 और 10 सितंबर को दिल्ली में बने भारत मंडपम में जी20 शिखर सम्मेलन 2023 का आयोजन किया गया। भारत ने इस महाआयोजन को सफल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी और हर एक व्यवस्था को बेहतर से भी बेहतर किया गया था। फिर चाहे वो मेहमानों के ठहरने की जगह हो, उनके खानपान की व्यवस्था हो या फिर उनकी सुरक्षा का जिम्मा हो आदि। जी20 सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हो गया है, लेकिन लोगों के मन में एक सवाल अब भी चल रहा है कि आखिर इस महाआयोजन पर कितना पैसा खर्च हुआ और इतने बड़े कार्यक्रम को कैसे सफल बनाया गया। तो चलिए बिना देर किए इस बारे में जानते हैं...
सफल हुआ जी-20 सम्मेलन: कितना आया इस महाआयोजन पर कुल खर्च और किन नेताओं ने निभाया अहम रोल, यहां जानें सबकुछ
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इन नेताओं को मिली थी अहम जिम्मेदारी
दिल्ली को सजाने और सम्मेलन की पूरी जिम्मेदारी इन्होंने निभाई
- दरअसल, जी20 भारत के लिए बहुत बड़ा सम्मेलन था। ऐसे में इसकी जिम्मेदारी भी उन लोगों को देनी थी जो इसे पूरा कर सके। ऐसे में इस काम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी टीम से कुछ चेहरों को चुना। इनमें केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना समेत कई अन्य चेहरे शामिल थे। यहां आपके लिए ये भी जानना जरूरी है कि जहां एक तरफ मीनाक्षी लेखी ने दिल्ली को सजाने का काम बड़ी खूबसूरती से निभाया, तो वहीं एलजी वीके सिंह ने राजनिवास से जी-20 के दौरान पूरी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की और साथ ही सम्मेलन से पहले दिल्ली में तैयरियों को पूरा करवाने में अहम जिम्मेदारी भी निभाई।
विदेशी मेहमानों का स्वागत:-
- अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाईडेन) का स्वागत वी के सिंह ने किया
- इटली के पीएम का स्वागत शोभा करांदलाजे ने किया
- बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना का स्वागत दर्शना जरदोश ने किया
- ब्रिटेन के पीएम सुनाक का स्वागत अश्विनी चौबे ने किया
- जापान के पीएम का स्वागत अश्विनी चौबे ने किया
- दक्षिण कोरिया के प्रेसिडेंट और ऑस्ट्रेलिया के पीएम का स्वागत राजीव चंद्रशेखर ने किया
- ब्राजील के प्रेसिडैंट का स्वागत नित्यानंद राय ने किया
- फ्रांस के प्रेसिडेंट का स्वागत अनुप्रिया पटेल ने किया
- जर्मन चांसलर का स्वाग भानु प्रताप सिंह वर्मा ने किया
- मॉरीशस के पीएम का स्वागत श्रीपाद येशो नायक ने किया
- सिंगापुर के पीएम एल मुरूगन ने किया
- EU प्रेसिडेट का स्वागत प्रह्लाद सिंह पटेल ने किया
- स्पेन प्रेसिडेंट का स्वागत शांतनु ठाकुर ने किया
- चीन के पीएम का वीके सिंह ने किया।
घोषणा पत्र पर इन लोगों ने निभाया अहम रोल
- वहीं, भारतीय राजनयिक व शेरपा अमिताभ कांत ने दिल्ली घोषणा पत्र का ड्राफ्ट और फाइनल स्वरुप देने में अहम योगदान निभाया। इसके पीछे उनकी एक टीम लगातार काम कर रही थी। यही नहीं, विदेश मंत्री जय शंकर और एनएसए अजीत डोभाल ने भी बड़े ही कूटनीतिक तरीके से सभी देशों की साझा घोषणा पत्र पर सहमति बनाने में अहम योगदान निभाया।