मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की तैयारी है। इतनी तेज गति से चलने वाली ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम होती है। ऐसे में अगर सफर के दौरान अचानक भूकंप आ जाए, तो ट्रेन और यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए क्या व्यवस्था होगी?
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काम की बात: भूकंप आते ही खुद रूक जाएगी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन? जानें आखिर क्या है ये तकनीक
Tue, 22 Sep 2026 06:00 PM IST
प्रकाश चंद जोशी
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रकाश चंद जोशी
Updated Tue, 22 Sep 2026 06:00 PM IST
सार
Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में भूकंप की शुरुआती हलचल पहचानने के लिए 28 सीस्मोमीटर लगाने की योजना है।
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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन भूकंप आने पर कैसे रूक जाएगी?
- फोटो : Amar Ujala AI
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन भूकंप आने पर कैसे रूक जाएगी?
- फोटो : ANI
28 सीस्मोमीटर लगाए जाने की योजना
- मुंबई से अहमदाबाद तक बनने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में कुल 28 सीस्मोमीटर लगाए जाने की योजना है
- ये सेंसर भूकंप से जुड़ी जमीन की हलचल को पहचानने का काम करेंगे
- इनमें से 22 सेंसर ट्रैक्शन सब-स्टेशन और स्विचिंग पोस्ट के आसपास लगाए जाने की योजना है
- वहीं, 6 अन्य सेंसर आसपास के क्षेत्रों में लगाए जाएंगे, ताकि दूसरे इलाकों में होने वाली भूकंपीय गतिविधियों की भी जानकारी मिल सके
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन भूकंप आने पर कैसे रूक जाएगी?
- फोटो : ANI
भूकंप की शुरुआती लहर पकड़ेंगे सेंसर
- इस सुरक्षा व्यवस्था की अवधारणा जापान की शिंकानसेन हाई-स्पीड रेल से जुड़ी तकनीक से ली गई है
- सीस्मोमीटर भूकंप की शुरुआती P-Waves को पहचान सकते हैं
- P-Waves आमतौर पर भूकंप की बाद में आने वाली अधिक तेज और नुकसान पहुंचाने वाली लहरों से पहले पहुंचती हैं
- ऐसे में शुरुआती संकेत मिलने पर सिस्टम को कार्रवाई के लिए कुछ समय मिल सकता है
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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन भूकंप आने पर कैसे रूक जाएगी?
- फोटो : आईएएनएस
बिजली बंद होते ही शुरू होगी ब्रेकिंग प्रक्रिया
- भूकंप की आशंका वाले हिस्से में सिस्टम प्रभावित ट्रैक की बिजली आपूर्ति रोकने की प्रक्रिया शुरू करेगा
- ट्रेन का सिस्टम बिजली की सप्लाई में हुए बदलाव को पहचान सकता है
- इसके बाद इमरजेंसी ब्रेक लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी, ताकि ट्रेन को भूकंप की तेज हलचल वाले हिस्से में पहुंचने से पहले रोका जा सके
- हालांकि, यह सिस्टम भूकंप से होने वाले हर संभावित नुकसान को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं देता। इसका मुख्य उद्देश्य शुरुआती चेतावनी के आधार पर ट्रेन को सुरक्षित तरीके से रोकने में मदद करना है
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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन भूकंप आने पर कैसे रूक जाएगी?
- फोटो : @IANS
कहां लगाए जाएंगे सेंसर?
- महाराष्ट्र में मुंबई, ठाणे, विरार और बोइसर में कुल आठ सेंसर लगाए जाने की योजना है
- गुजरात में वाणी, बिलिमोरा, सूरत, भरुच, वडोदरा, आणंद और अहमदाबाद में 14 सेंसर प्रस्तावित हैं
- इसके अलावा महाराष्ट्र के खेड़, रत्नागिरी, लातूर और पांगरी तथा गुजरात के अडेसर और ओल्ड भुज में 6 सेंसर लगाए जाने की योजना है
- इन स्थानों के चयन में पुराने भूकंप रिकॉर्ड और जमीन की मजबूती जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है