साल 2019 में क्रिकेट से अलग भारतीय खिलाड़ियों ने दूसरे खेलों में अपने प्रदर्शन से सभी को चौंकाया और विश्व पटल पर अपनी और देश की छाप छोड़ी। ऐसे में आईए जानते हैं उन खिलाड़ियों और उनके खेल के बारे में जिन्होंने अपने विश्वस्तरीय प्रदर्शन से नया कीर्तिमान स्थापित किया और चर्चा में रहे।
Year Ender 2019: पूनिया से लेकर दुती और मैरी तक, इन 10 खिलाड़ियों ने दुनिया में लहराया तिरंगा
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गुरप्रीत की छलांग
फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफ़ायर में एशियन चैंपियन क़तर की टीम के खिलाफ भारतीय फुटबॉल टीम ने गोल राहत ड्रा खेलकर सभी को चौंकाया। सितम्बर में दोहा में खेले गए मैच में भारतीय टीम अपने स्टार खिलाड़ी और कप्तान सुनील छेत्री के बगैर उतरी। लेकिन मैच में गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू के नेतृत्व ने उतरी टीम ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और मैच को ड्रा पर खत्म किया। मैच में क़तर के 27 शॉट्स पर गुरप्रीत ने गोलकीपिंग करते हुए 11 बार गोल होने से बचाया।
जोड़ीदार सात्विक-चिराग
भारत की स्टार बैडमिंटन पुरुष जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर में सुपर 750 स्तर के इवेंट के अपने पहले फाइनल में पहुंचे और करियर में दूसरी बार शीर्ष 10 विश्व रैंकिंग में शामिल हुए। फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचने के वक्त दोनों की जोड़ी युगल वर्ग में 11 वें स्थान पर काबिज थी जिसके बाद दोनों को रैंकिंग में दो स्थान का फायदा मिला और दोनों नौवें स्थान पर पहुंच गए।
भारत की यह शीर्ष युगल जोड़ी साल की शुरुआत में थाईलैंड ओपन का खिताब जीतने के साथ ही BWF सुपर सीरीज़ 500 का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनीं।
फेडरर के खिलाफ नागल का एतिहासिक मुकाबला:
भारत के युवा टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने इस साल यूएस ओपन के मुख्य ड्रा में जगह बनाकर इतिहास रच दिया। वे ग्रैंड स्लैम के ड्रा के लिए क्वालीफाई करने वाले भारत के सबसे युवा खिलाड़ी बनें। 25 वर्षीय नागल अपने पहले मुकाबले में 20 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन रोजर फेडरर के खिलाफ उतरे। इतना ही नहीं उन्होंने पहला सेट जीतने के बाद फेडरर के साथ रोमांचक मुकाबला खेला। हालांकि वे मैच हार गए लेकिन इस प्रक्रिया में वह पिछले 20 वर्षों में किसी ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में सेट जीतने वाले केवल चौथे भारतीय बने।
दुती की सुनहरी दौड़
भारत की स्टार धाविका दुती ने जुलाई में 30वें समर यूनिवर्सिटी गेम्स में 100 मीटर कॉम्पिटिशन का गोल्ड मेडल ही नहीं जीता बल्कि वो इस खेल में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी भी बन गईं।
वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स को ओलंपिक के बाद दुनिया का सबसे बड़ा टूर्नामेंट माना जाता है जहां तक़रीबन 150 देशों के खिलाड़ी भाग लेते हैं। खेल के अलावा दुती का पारिवारिक जीवन भी विवादों में रहा। उन्होंने पहली बार अपने समलैंगिक होने और एक लड़की के साथ रिश्ते में होने की बात सार्वजनिक तौर पर स्वीकार की थी। इसके बाद उनके परिवार ने उनका साथ छोड़ दिया था और उन्हें धमकी भी दी थी।