खेलों में खुद को साबित करने के लिए बेटियों ने भी साहस के साथ कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। शहर के कई खेल के मैदानों में शहर की बेटियां किस्मत आजमा रही हैं। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में तिरंदाजी, जिम्नास्टिक, बॉक्सिंग, शूटिंग का ककहरा सीख रही हैं। कुश्ती खिलाड़ी अलका तोमर, जूडो खिलाड़ी गरिमा चौधरी की तरह इन होनहारों के सपने बड़े हैं। परिवार के सपोर्ट और मेहनत से बेटियां सुनहरा इतिहास लिखने को बेताब हैं। इनके इरादे मजबूत हैं। मेहनत से कभी पीछे नहीं हटती हैं।
सुनहरे सपने और इरादे मजबूत, बेटियां दिखा रहीं अपना वजूद, ये 5 तस्वीरें हैं गवाह
बाक्सिंग में देहात क्षेत्र की बेटियों का जलवा है। देहात से करीब 30 बेटियां प्रतिदिन बाक्सिंग रिंग में अभ्यास कर रही हैं। इनमें 10 से ज्यादा लड़कियां मंडल स्तर व नेशनल स्तर पर पदक हासिल कर चुकी हैं। बाक्सिंग के लिये खुद को तैयार करना कठिन काम है। कोच भूपेंद्र यादव ने बताया बेटियों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। शहरी क्षेत्र की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां स्टेडियम में आ रही हैं।
लड़कों के साथ कराते हैं प्रैक्टिस
बेटियों को लड़कों के साथ अभ्यास कराते हैं, जिससे उनकी तैयारी में कोई कमी न रह जाए। अभ्यास के लिए भी उचित माहौल दिया जाता है। - वैशाली सिंह, बाक्सिंग कोच
शहर के करीब 50 बच्चे जिम्नास्टिक में कमाल कर रहे हैं। करीब 25 बेटियां अपना जलवा दिखा रही हैं। ये अपने शरीर को घुमाकर किसी को भी आश्चर्यचकित कर सकती हैं। कोच निर्मला देवी की देखरेख में बच्चे सपनों को साकार करने की ओर बढ़ रहे हैं। दीवान पब्लिक स्कूल की चौथी कक्षा की छात्रा अना का चयन सीबीएसई नेशनल प्रतियोगिता के लिये हुआ है। इससे पहले अना स्कूली स्तर पर खुद की अलग पहचान बना चुकी हैं। इन बच्चों की लगन को देखकर अधिकतर बच्चों के मम्मी प्रतिदिन स्टेडियम आ रही हैं।
लगन से कर रहीं अभ्यास
बेटियां जिम्नास्टिक में अधिक सक्षम नजर आ रही हैं। इनकी लगन को देखते हुए विशेष कोचिंग की व्यवस्था की गई है। आने वाले समय में स्टेडियम की खिलाड़ी नेशनल से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगी। - निर्मला देवी, कोच जिम्नास्टिक
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में बेटियां विभिन्न खेलों में हाथ आजमा रही हैं। जिनमें कई खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं मंडल स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। कोच भी बेटियों पर विशेष तौर पर ध्यान दे रहे हैं। स्टेडियम में तिरंदाजी में कोच मिलने के बाद बेटियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इससे पहले स्टेडियम में लड़के खुद ही अभ्यास करते थे। करीब दो साल तक स्टेडियम में तिरंदाजी के कोच नहीं थे। दो महीने से कोच पूजा खिलाड़ियों को टिप्स दे रही हैं। तिरंदाजी में सहारनपुर सहित मेरठ की कई बेटियां प्रशिक्षण ले रही हैं। जिनमें गणेशपुरी निवासी इशिका का यूनिवर्सिटी के लिये चयन हो गया है। कंकरखेड़ा निवासी सृष्टि का टाटा ए के लिये चयन हुआ है। लालकुर्ती निवासी ताशु सिंह का खेलो इंडिया के लिये चयन हुआ है। इनके अलावा शिवाजी रोड निवासी तनुष्का व अनीता पोडवाल तिरंदाजी में निशाना साध रही हैं। सभी बेटियां अंतरराष्ट्रीय तिरंदाज दीपिका कुमारी, अभिषेक शर्मा, अमन सैनी और रजत चौहान को अपना आदर्श मानती हैं।
बेटियां लगा रहीं निशाना
स्टेडियम की दस मीटर एयर पिस्टल की शूटिंग रेंज में बेटियां निशाना साध रही हैं। बिजनौर निवासी आठ वर्षीय आशी गहलौत छोटी सी उम्र में ही डेढ़ किग्रा. की पिस्टल से निशाना लगा रही हैं। खास बात है आशी पांच किलो मी. दौड़ में भी कई बार जीत हासिल कर चुकी हैं। उनके जज्बे को देखते हुए उनके पिता और बहन भी उनके साथ मेरठ ही रह रहे हैं। छोटी बच्ची के हौसले को देखकर कोच भी हैरान हैं। गंगासागर निवासी सुमेधा, अंजना, माधवपुरम निवासी प्रतिभा चौधरी, कानपुर निवासी साक्षी शर्मा, सूरजकुंड निवासी दिव्या 10 मीटर एयर पिस्टल में निशाना साध रही हैं। मेरठ के सौरभ चौधरी की कामयाबी के बाद कई बेटियों ने पिस्टल उठा ली है।
जल्द देश के लिए खेलेंगी
लड़कियां तिरंदाजी में कई बड़ी प्रतियोगिताओं में कमाल कर चुकी हैं। खेलो इंडिया और यूनिवर्सिटी के खेलों में बेटियां निशाना साध रही हैं। जो हमारे लिये गर्व की बात है। जल्द ही ये देश के लिये भी खेलेंगी। - पूजा, तीरंदाजी कोच
इन्होंने किया खुद को साबित
स्टेडियम की खिलाड़ी वर्षा चौधरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बॉक्सिंग में जलवा दिखा चुकी हैं। शिवानी चौहान, अनुराधा शर्मा, साक्षी पटेल, विधि चौधरी, नुसरत फातिमा ने नेशनल स्तर पर मेरठ का नाम रोशन किया है।
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