कुवैत में खेली जा रही 11वीं एशियन एयरगन चैंपियनशिप में वीर शाहमल एकेडमी बिनौली के निशानेबाज और मेरठ के रहने वाले सौरभ चौधरी ने फिर स्वर्ण पदक जीता। सौरभ की कामयाबी पर एकेडमी में जश्न का माहौल है। कोच अमित श्योराण ने कहा कि सौरभ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर खुद को साबित कर दिखाया है। सौरभ लगातार कामयाबी की बुलंदियां छू रहे हैं। आगे जानें कैसा रहा उनका ये सफर :-
सौरभ चौधरी ने कोच की पिस्टल से लगाया था पहला निशाना, जानें कैसा था शूटिंग के 'सुल्तान' का संघर्ष
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कोच अमित श्योराण ने बताया कि सौरभ ने एकाग्रता और निरंतरता से यह कामयाबी हासिल की। ओलंपिक को ध्यान में रखकर वह तैयारी में जुटा है। सौरभ देश के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में है और बागपत को उस पर नाज है। सौरभ चौधरी के पदक जीतने पर एकेडमी में मिठाई बांटी गई। दूसरी तरफ सौरभ के गांव कलीना में खुशी का माहौल है। भाई नितिन चौधरी ने कामयाबी पर खुशी जताई। साथ ही गांव में मिठाई बांटी।
एशियाई खेलों के बाद बागपत के शूटर सौरभ चौधरी ने फिर इतिहास रच दिया। कलीना गांव का लाल बिनौली की वीर शाहमल राइफल एकेडमी में तपकर कुंदन बना और यूथ ओलंपिक में भी देश को सोना दिला दिया। एशियाई खेलों की बड़ी कामयाबी के बाद वह घर नहीं लौटे और कड़ी मेहनत की। इसके बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता और अब कुवैत में खेली जा रही 11वीं एशियन एयरगन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। कामयाबी पर कोच अमित श्योराण ने कहा कि सौरभ चौधरी ने पदक का वायदा पूरा कर दिखाया। गौरतलब है कि अब तक सौरभ छह पदक जीत चुके है।
मेरठ के कलीना गांव के 16 साल के निशानेबाज सौरभ चौधरी बागपत के बिनौली की वीर शाहमल शूटिंग एकेडमी में निशानेबाजी का अभ्यास करते है। इंडोनेशिया के जकार्ता में 21 अगस्त को 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर दुनिया का ध्यान आकर्षित करने वाले होनहार ने पिछले दिनों में कई स्वर्ण पदक जीते हैं। एशियाई खेलों के बाद सौरभ ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में व्यक्तिगत गोल्ड समेत तीन पदक जीते थे। अब कुवैत में स्वर्ण पदक जीतकर खुद को विश्व स्तर पर साबित कर दिखाया। कोच अमित श्योरण कहते हैं कि एशियाई खेलों और विश्वकप के बाद यूथ ओलंपिक में समय कम बचा था, इस वजह से वह अभ्यास में जुटे रहे।