भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी गोलकीपर पी आर श्रीजेश टोक्यो रवाना होने से पहले भावुक हो गए। लगातार तीसरे और संभवत: अपने आखिरी ओलंपिक में भाग ले रहे इस गोलकीपर ने कहा कि उन्होंने खेल के लिए काफी बलिदान दिया है, जिसे वह टोक्यो में हर कीमत पर भुनाना चाहते हैं। 23 जुलाई से शुरू होने वाले आगामी ओलंपिक में आठ बार की चैंपियन भारतीय टीम अपने चार दशक से अधिक समय के खिताबी सूखे को खत्म करना चाहेगी। सीनियर टीम के लिए 2006 में पदार्पण करने के बाद से श्रीजेश का केवल एक ही सपना है, ओलंपिक पदक विजेता बनना। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में शामिल 35 साल के श्रीजेश ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बीच इतने लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रहना उनके लिए मानसिक रूप से कठिन था।
ओलंपिक: टोक्यो रवानगी से पहले भावुक हुए श्रीजेश, बोले- खेल के लिए काफी बलिदान दिया, अब उसे भुनाना चाहता हूं
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Sat, 17 Jul 2021 07:42 PM IST
सार
23 जुलाई से शुरू होने वाले आगामी ओलंपिक में आठ बार की चैंपियन भारतीय टीम अपने चार दशक से अधिक समय के खिताबी सूखे को खत्म करना चाहेगी।
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