फ्रांस की जीत के साथ ही फीफा विश्व कप 2018 का समापन हुआ। फाइनल में क्रोएशिया को 4-2 से रौंदते हुए फ्रांस 20 साल बाद दोबारा विश्व विजेता बना। हालांकि गोल्डन बॉल का अवार्ड क्रोएशियाई कप्तान लुका मॉड्रिक के नाम रहा।
गोल्डन बॉल का खिताब टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मिलता है। इस होड़ में क्रोएशिया के कप्तान लुका मॉड्रिक, फ्रांस के कायलिन मबापे, बेल्जियम के केविन डि ब्रूइन और इडेन हेजार्ड थे। आखिरकार क्रोएशिया के लुका मॉड्रिक को यह खिताब मिला।
1994 के बाद से कभी भी विश्व विजेता बनने वाली टीम के खिलाड़ी ने इस खिताब पर कब्जा नहीं जमाया है। 1994 में ब्राजील के रोमारियो ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
इस दौरान लुका मॉड्रिक बेहद निराश नजर आए। उनके चेहरे पर मायूसी और अपनी टीम को पहला विश्व कप न दिला पाने का दुख साफ-साफ नजर आ रहा था। ऐसे वक्त में पोडियम पर मौजूद क्रोएशियाई राष्ट्रपति कोलिंदा ग्राबर किटारोविक ने मॉड्रिक का जमकर उत्साह बढ़ाया।
मौजूदा विश्व कप के सबसे बेहतरीन मिडफिल्डर माने जा रहे इस खिलाड़ी को कोलिंदा ग्राबर ने बड़ी आत्मियता के साथ गले लगाते हुए न सिर्फ हिम्मत बंधाई बल्कि क्रोएशियाई टीम को फर्श से अर्श तक पहुंचाने के लिए धन्यवाद भी किया।