फीफा वर्ल्ड कप 2018 पर न सिर्फ मेजबान रशिया बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। हर कोई अपने फेवरेट टीम और प्लेयर को लेकर काफी उत्सकु है। उधर क्रोएशिया और नाईजीरिया के बीचे खेले गए ग्रुप मुकाबले के बाद एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला।
नाईजीरिया को 2-0 से शिकस्त देने के बाद क्रोएशिया के निकोला कैलिनिच को वापस घर भेज दिया। बता दें कि फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहली ऐसी घटना नहीं है। इससे पहले भी कई खिलाड़ियों को बीच वर्ल्ड कप में घेर भेजा चुका है।
विली जॉन्सटन (स्कॉटलैंड)
अर्जेंटीना के मेजबानी में खेले गए साल 1978 के फीफा वर्ल्ड कप में स्कॉटिश फुटबॉल एसोसिएशन ने फीफा के बीच में ही अपने खिलाड़ी विली जॉन्सटन को वापस घर भेज दिया था। बताया जाता हैकि इस खिलाड़ी ने पेरू के खिलाफ हुए मुकाबले में बुखार के चलते ड्रग्स ले ली थी, जो नियमों के खिलाफ है।
रॉय कीन (रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड)
2002 के वर्ल्ड कप में रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड ने भी अपने एक खिलाड़ी रॉय कीन की घर वापसी कर दी थी। दरअसल टीम के मैनेजर मिक मैकक्रेथी के अनुसार यह खिलाड़ी कैमरन के खिलाफ मैच से पहले अभ्यास की बजाय अपने कुत्तों के साथ ज्यादा बिजी रहता था।
डिएगो माराडोना (अर्जेंटीना)
साल 1994 में अमेरिका में हुए फीफा वर्ल्ड कप में इसी तरह डिएगो माराडोना को भी घर वापस भेज दिया गया था। बुल्गारिया के खिलाफ एक ग्रुप मुकाबले से पहले माराडोना ड्रग टेस्ट में फेल हो गए थे। जिसके बाद अर्जेंटीना के इस स्टार खिलाड़ी को घर वापस जाना पड़ा।
निकोला अनेल्का (फ्रांस)
साल 2010 में फ्रांस के इस खिलाड़ी को मेक्सिको के हाथों मिली हार के बाद वर्ल्ड कप छोड़कर घर वापस जाना पड़ा था। फ्रांस टीम के मैनेजर का आरोप था कि हाफ टाइम में इस खिलाड़ी ने टीम मैनेजर पर जुबानी हमला बोला था। इसके बाद फ्रैंच फुटबॉल फेडरेशन ने इस खिलाड़ी को 18 मैचों का प्रतिबंध लगाया था।