भारत के स्टार फुटबालर सुनील छेत्री का मानना है कि पिछले 10 साल में देश ने इस खेल में प्रगति की है लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर विकास और प्रतिभा खोज के मामले में एशिया की मजबूत टीमों से काफी पीछे है। छेत्री ने कहा कि एशिया की मजबूत टीमों के साथ अंतर को पाटने और महाद्वीप में शीर्ष 10 में जगह बनाने के लिए अब भी काफी काम करने की जरूरत है।
भारतीय फुटबाल ने 10 साल में अच्छी प्रगति की, लेकिन अब भी हमें लंबा रास्ता तय करना है
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मौजूदा प्रतिभा के बारे में पूछने पर छेत्री ने कहा, ‘यह अब बेहतर है लेकिन शानदार नहीं है। प्रतिभा की खोज सबसे पहले होनी चाहिए और आपको सही समय पर प्रतिभा खोजनी होगी।’ उन्होंने कहा कि ‘जब एक बच्चा 11 साल का होता है और जब वह 14 साल का होता है, तो इसमें काफी अंतर होता है।
11 साल के बच्चे को चुनना और कार्यक्रम का हिस्सा बिना उसे 14 साल की उम्र में चुनने से अलग है। यहीं हम पीछे हैं। हमारे यहां एक अरब 30 करोड़ लोग हैं और यह असंभव है कि हमारे पास प्रतिभा नहीं है। हमें इस मामले में देश के रूप में सुधार करना होगा।’
छेत्री ने कहा कि युवा विकास सही दिशा में जा रहा है और इसके लिए उन्होंने भारत की अंडर 17 विश्व कप टीम के कप्तान अमरजीत सिंह और नरिंदर गहलोत का उदाहरण दिया जिन्होंने सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई है। छेत्री ने आगामी 2022 विश्व कप क्वालीफायर में भारत के ग्रुप को रोचक करार दिया और कहा कि टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
उन्होंने कहा कि, ‘यह रोचक ग्रुप है, मैं इसे लेकर उत्सुक हूं। उम्मीद करता हूं कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले हमें कुछ ट्रेनिंग मैच खेलने को मिलेंगे। हम दो कड़े मैचों के साथ शुरुआत करेंगे, ओमान के खिलाफ स्वदेश में और कतर के खिलाफ उसके मैदान पर। सभी खिलाड़ियों को चोट मुक्त रहना होगा और हमें अच्छी टक्कर देंगे।’