हॉकी विश्व कप का 15वां संस्करण 13 से 29 जनवरी तक भारत में खेला जाएगा। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के साथ-साथ राउरकेला को इसकी मेजबानी मिली है। भुवनेश्वर लगातार दूसरी बार टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। 2018 में भी उसने टूर्नामेंट का आयोजन किया था। हॉकी विश्व कप की शुरुआत 52 साल पहले 1971 में हुआ था। तब से भारत सिर्फ एक बार चैंपियन बन सका है। वह 48 साल से खिताब नहीं जीता है। पाकिस्तान सर्वाधिक चार बार इस टूर्नामेंट को जीत चुका है।
हम आपको हर बार चैंपियन बनने वाली टीम के बारे में बता रहे हैं...
1971: पाकिस्तान जीता
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हॉकी विश्व कप 1971
- फोटो : सोशल मीडिया
पहली बार हॉकी विश्व कप का आयोजन 1971 में हुआ था। यह टूर्नामेंट पाकिस्तान में होने वाला था, लेकिन बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के कारण उससे मेजबानी छीन ली गई। भारत ने युद्ध में बांग्लादेश का साथ दिया था और उसे आजाद कराया था। पाकिस्तान में भारतीय टीम का विरोध रहा था। इस कारण मेजबानी स्पेन को सौंप दी गई। पाकिस्तान ने फाइनल में मेजबान स्पेन को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। उसने सेमीफाइनल में भारत को हराया था। भारतीय टीम कांस्य पदक के मैच में केन्या के खिलाफ 2-1 से जीती थी।
1973: नीदरलैंड जीता
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हॉकी विश्व कप 1973
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दो साल बाद 1973 में दूसरे हॉकी विश्व कप का आयोजन नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में किया गया था। इस बार भारतीय टीम फाइनल में पहुंची। नीदरलैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबला 2-2 से बराबर रहने के बाद पेनल्टी स्ट्रोक्स से चैंपियन का फैसला हुआ। नीदरलैंड ने 4-2 से पेनल्टी स्ट्रोक्स में भारत को हराकर खिताब जीत लिया।
1975: भारत जीता
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हॉकी विश्व कप 1975
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मलयेशिया की मेजबानी में भारत पहली बार चैंपियन बना। उसने फाइनल में पाकिस्तान को 2-1 से हराकर खिताब पर कब्जा किया। दोनों टीमें दूसरी बार फाइनल में पहुंची थीं। पाकिस्तान दूसरा खिताब जीतने से चूक गया और भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया। भारत के लिए फाइनल में सुरजीत सिंह रंधावा और अशोक कुमार ने दो गोल किए थे। पाकिस्तान के लिए इकलौता गोल मोहम्मद जाहिद शेख ने किया था।
1978: पाकिस्तान जीता
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हॉकी विश्व कप 1978
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अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में इस बार टूर्नामेंट खेला गया। पहली बार किसी दक्षिण अमेरिकी टीम को मेजबानी मिली थी। इस बार पाकिस्तान और नीदरलैंड की टीम फाइनल में पहुंची थी। भारत सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच सका था। पाकिस्तान ने नीदरलैंड को 3-2 से हराकर दूसरी बार खिताब जीत लिया।