भारत की बेटी पीवी सिंधु ने रविवार को इतिहास रच दिया। सिंधु ने वर्ल्ड टूर फाइनल्स के खिताबी मुकाबले में रविवार को जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे गेमों में हराया। वह यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई।
अलविदा 2018: सिंधु ने जीता वर्ल्ड टूर फाइनल्स, कुछ ऐसा रहा साल 2018 में सिल्वर क्वीन का सफर
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इसी के साथ सिंधु ने अपने उन आलोचकों को करारा जवाब दे दिया है जो उन्हें महज एक रनर-अप समझते थे। बता दें कि साल 2018 में पीवी सिंधु कोई भी फाइनल मुकाबला नहीं जीत पाई थीं। हालांकि साल के सभी बड़े टूर्नामेंट में उन्होंने देश की झोली खाली नहीं छोड़ी। साथ ही अब वर्ल्ड टूर फाइनल्स का खिताबी मुकाबला जीतकर उन्होंने आलोचकों के मुंह पर ताला जड़ दिया है।
भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। नेहवाल ने महिला एकल के फाइनल में ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु को 21-18, 23-21 से शिकस्त देकर गोल्ड पर कब्जा जमाया था और सिंधु को सिल्वर से संतोष करना पड़ा।
वर्ल्ड चैम्पियनशिप 2018 में भी स्पेन की कैरोलिना मारिन ने सिंधु को फाइनल मुकाबले में हराकार गोल्ड मेडल जीता था। कैरोलिना ने फाइनल मुकाबले में पीवी सिंधु को सीधे सेटों 21-19, 21-10 से हराया था।
भारत की स्टार शटलर को इस साल एशियन गेम्स में भी सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। एशियन गेम्स के फाइनल में सिंधु को चीनी ताइपे की ताई जू यिंग ने सीधे सेटों में 21-13, 21-16 से हराया था।
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