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इस चीज में हैं हर रोग का इलाज, एक बार आजमाकर देखें

Fri, 17 Nov 2017 08:21 AM IST
amarujala.com-presented by: किरण सिंह
amarujala.com-presented by: किरण सिंह Updated Fri, 17 Nov 2017 08:21 AM IST
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 if you want healthy life and live without any disease so trust on yourself

अगर आपको अच्छी सेहत और हर तरह से रोग से मुक्ति चाहिए तो इसके लिए आपको किसी दवाई आदि की जरूरत नहीं है। जरूरत है तो बस एक विश्वास की, जी हां आप विश्वास से भी अच्छी सेहत पा सकते हैं। इसी विश्वास में  अच्छे स्वास्‍थ्य और रोगों मुक्ति का रहस्य भी छिपा है। हजारों वर्ष पहले कई संप्रदाय के लोग तो औषधियों से भी परहेज करते थे और कभी कभार ही बीमार पड़ते हैं। अब तो मेडिकल साइंस भी मानने लगा है कि स्वस्‍थ रहने के लिए विश्ववास बहुत जरूरी है।


 


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डॉक्टर्स का भी मानना है कि व्यक्ति के चारों तरफ सकारात्मक ऊर्जा रहती है और अगर उससे संपर्क साध लिया जाए तो शरीर में अपरिमित आरोग्यकारी क्षमता अर्जित की जा सकती है। इसे ऊर्जा चिकिस्ता भी माना जाता है। माना जाता है कि सबसे पहले ऊर्जा चिकित्सा की जानकारी एशियाई क्षेत्र को हुई।

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वेदों में, पाणिनी सूत्र में ऊर्जा चिकित्सा का उल्लेख प्राण शक्ति से मिलता है। यही वो शक्ति है, जो जीव मात्र में सतत कार्यरत है और जिसके रूप बदल लेने पर शरीर का कार्य करना बन्द हो जाता है। लिखित रूप से इसका उल्लेख महात्मा बुद्ध के काल में रचित ग्रन्थों मे मिलता है। 

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जिनके अनुसार महात्मा बुद्ध और उनके कुछ खास शिष्य अपने संकल्प शक्ति और स्पर्श से बीमारियों का निदान करते थे। ईसा मसीह और दूसरे कई  संतों द्वारा भी इस शक्ति के उपयोग के उल्लेख मिलते हैं। किसी जमाने में गुप्त और आध्यात्मिक मानी जा रही यह विद्या अब आम लोगों तक पहुंच रही है। 

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बुद्ध के समय में इस विद्या को जानने के लिए साधक को अपने तन-मन से सम्पूर्ण तपस्या करनी होती थी। तत्पश्चात महात्मा बुद्ध साधक को (जब वह साधक इस विद्या को ग्रहण करने योग्य लगता तो) उसको सुसंगत किया करते थे। अगर कहीं से भी महात्मा बुद्ध को ये लगता कि अभी "इस साधक" में इस दिव्य विद्या को ग्रहण करने कि योग्यता नहीं आ सकी है तो उस साधक को पुनः साधना करने की आज्ञा दी जाती थी।

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