देश 2 अक्टूबर 2019 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जन्मशताब्दी मनाने जा रहा है। गांधी एक विचार के रूप में आज पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं। उनके विचार का मूल अहिंसा और सत्याग्रह रहा। अहिंसा को लेकर गांधी जीवन भर संदेश देते रहे। राष्ट्र को आजाद कराने के महान लक्ष्य के बीच उनका अपना जीवन भी कई आयामों में प्रेरणादायक रहा। आइए आपको बताते हैं गांधी जी के उन विचारों के बारे में जो आज भी प्रासंगिक हैं और किसी भी मनुष्य के जीवन को बदलने की ताकत रखते हैं।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी यानी की बापू का अपना जीवन कई तरह के प्रयोगों की भूमि था। उन्होंने, सत्य, अहिंसा को केंद्र में रखकर कई तरह के प्रयोग किए। अहिंसा के बूते उन्होंने दमनकारी और शोषण करने वाली अंग्रेजी हुकूमत को देश से बाहर कर दिया। गांधी जी के सारे आंदोलन हमें धैर्य, अहिंसा और मनुष्य से प्रेम का रास्ता दिखाते हैं। मनुष्य जाति के इतिहास में बापू जैसा व्यक्तित्व विरला है क्योंकि उन्होंने बंदूक का सामना अहिंसा और प्रेम से किया और विजय हासिल की।
महात्मा गांधी का मानना था कि आप जैसा भोजन करेंगे, वैसा सोचेंगे भी। इसलिए महात्मा गांधी ने शाकाहारी भोजन को अपना अभिन्न अंग बना लिया। सात्विक आहार को लेकर वे हमेशा जो देते रहे। व्रत को लेकर तो उनका खास मत था। प्राकृतिक जीवन जीने के लिए वे सदा प्रेरणा देते रहे। आज के दौर में जहां बदलती लाइफ स्टाइल ने मनुष्य को प्रकृति से दूर कर दिया है ऐसे में प्राकृतिक जीवन के करीब जीने का संदेश देने वाले बापू के विचार हमारी बड़ी जरूरत हैं।
महात्मा गांधी अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए सदा जीवन और उच्च विचार के नियमों का पालन करते थे। इसलिए हमेशा आगे बढ़ते गए। आज के दौर में जहां सभी ओर झूठ, कपट, अहिंसा का बोलबाला है ऐसे में हम बापू के जीवन से उन सारे गुणों को जीवन में उतार सकते हैं। उनका जीवन और विचार हमें ना केवल एक अच्छा मनुष्य बनाएंगे बल्कि राष्ट्र के प्रति एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी हमारी उपस्थिति पैदा करेंगे।
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी
महात्मा गांधी सभी धर्मों के प्रति विशेष आस्था रखते थे। गांधी जी ने इस बात पर हमेशा जोर दिया कि भगवान ही सत्य है। उन्होंने धर्म-परिवर्तन के सभी तर्कों एवं प्रयासों को अस्वीकृत किया। उन्होंने सत्य के मार्ग को अपनाते हुए सत्याग्रह की नींव रखी थी।