आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान और महान विभूति थे। इसी के साथ ये एक योग्य शिक्षक भी थे। इन्होंने विश्वप्रसिद्ध विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी और वहीं पर आचार्य के पद पर रहकर विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की। इनके जीवन का एक बड़ा हिस्सा अध्ययन अध्यापन में व्यतीत हुआ। इनको विभिन्न विषयों का गहन ज्ञान था इसी के साथ इनको व्यवहारिक जीवन की भी बहुत अच्छी समझ थी, क्योंकि इन्होंने अपने जीवन में अच्छी और बुरी दोनों परिस्थितियों का अनुभव था। इन्होंने निस्वार्थ भाव से अपने गहन अध्ययन, ज्ञान और जीवन के अनुभव को लोगों के कल्याण के लिए ग्रंथो में उद्धृत किया है। नीतिशास्त्र में इनके अनुभव और ज्ञान दोनों का संगम है। आचार्य चाणक्य की नीतियां मनुष्य के जीवन के हर पहलु पर प्रकाश डालती हैं। यही कारण है कि इतने वर्ष बीत जाने के पश्चात भी आज के समय में चाणक्य की नीतियां लोगों को सही राह दिखाती हैं। आचार्य चाणक्य नें निजी जीवन से लेकर आर्थिक और सामाजिक हर पहलू पर जीवन को बेहतर बनाने के लिए महत्पूर्ण सुझाव दिए हैं। इनकी नीतियां भले ही लोगों को कठोर लगती हैं लेकिन ये मनुष्य को जीवन की सत्यता से अवगत कराती हैं। आचार्य चाणक्य ने तीन ऐसे लोगों के बारे में बताया है जिनसे सदैव दूरी बनाकर रखनी चाहिए। ये लोग स्वयं का तो नुकसान करते ही हैं साथ ही आपका भी नुकसान करते हैं। तो चलिए जानते हैं विस्तार से।
चाणक्य नीति: ऐसे व्यक्तियों से रहना चाहिए कोसों दूर अन्यथा उठाना पड़ता है नुकसान
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Mon, 21 Jun 2021 10:16 AM IST
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