आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान थे। वे एक कुशल रणनीतिकार, कूटनीतिज्ञ और अर्थशास्त्र के मर्मज्ञ थे। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी बुद्धिमत्ता के बल पर अपने शत्रु घनानंद को पराजित किया और चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाकर इतिहास की धारा को मोड़कर रख दिया था। उनकी विभिन्न विषयों का ज्ञान था व उनके द्वारा कई शास्त्र लिखें गए थे। इनमें से नीतिशास्त्र में मनुष्य के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में जिक्र किया गया है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि धन जीवन में आवश्यक होता है परंतु नीतिशास्त्र में ऐसे धन के बारे में भी बताया गया है, जिसको भूलकर भी हाथ नहीं लगाना चाहिए। ऐसे धन के कारण आपको मान-सम्मान की हानि उठानी पड़ती है।
Chanakya niti: ऐसे धन को भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए साथ, होती है सम्मान की हानि
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: शशि सिंह
Updated Fri, 15 Oct 2021 05:49 PM IST
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