आचार्य चाणक्य कुशाग्र बुद्धि के धनी थे। ये एक श्रेष्ठ विद्वान और एक योग्य शिक्षक थे। उन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा शिक्षा प्रदान करते हुए व्यतीत किया। इन्होंने विश्व प्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी और वहीं पर आचार्य रहते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की। ये राजनीति और कूटनीति में कुशल थे। आचार्य चाणक्य ने अपने ज्ञान और अनुभव को नीतिशास्त्र में पिरोया है। नीतिशास्त्र में माहमारी और युद्ध जैसे हालातों के लिए भी महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं। यदि महामारी में अपने आचरण और व्यवहार के सही रखा जाए तो मुश्किल हालात का भी आसानी से सामना किया जा सकता है। जानते हैं कि क्या कहती है चाणक्य नीति।
Chanakya Niti : महामारी और युद्ध के समय रखेंगे इन बातों का ध्यान, तो आराम से गुजर जाएगा मुश्किल समय
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Fri, 07 May 2021 10:07 AM IST
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