इतिहास में आचार्य चाणक्य के विवेक और चतुराई की हमेशा सराहना की जाती रही है। आचार्य चाणक्य ने अपने अनुभव, ज्ञान और बुद्धि कौशल से जीवन में सफलता प्राप्त करने की कई नीतियां बनाई थी जिसका आज भी उतना महत्व है। आचार्य चाणक्य के द्वारा बनाई गई नीतियां आज भी सबके के लिए बहुत उपयोगी हैं। जो भी व्यक्ति इन नीतियों का पालन करता है, उसे जीवन में सभी सुख-सुविधाएं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
चाणक्य नीति: इन तीन लोगों से दोस्ती हमेशा सोच समझकर ही करना चाहिए
कवय: किं न पश्यन्ति किं न कुर्वन्ति योषित:।
मद्यपा किं न जल्पन्ति किं न खादन्ति वायसा:।।
आप सबने कवि के बारे में एक प्रचलित कहावत जरूर सुनी होगी, जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि। इस कहावत का मतलब जहां सूर्य की रोशनी भी न पहुंच सके वहां पर कवि की सोच पहुंच जाती है। कवि अपनी कविता के माध्यम से कोई भी बड़ी से बड़ी बात आसानी से कह सकता है। इसलिए आचार्य चाणक्य कहते हैं कि कवि से भूलकर भी दुश्मनी मोल नहीं लेना चाहिए।
शराबी व्यक्ति से हमेशा रहें सावधान
जो व्यक्ति हमेशा शराब के नशे में डूबा रहता है उसके साथ कभी भी दोस्ती नहीं करना चाहिए। नशे में व्यक्ति होने सेवह अपनी सारी मर्यादाएं भूल जाता है। उसके मन में जो आता है वह बोल देता है। इसलिए आचार्य चाणक्य ने कहा है कि नशा करने वाले व्यक्ति से हमेशा दूर ही रहना चाहिए।
महिलाओं के दुस्साहस से रहें सावधान
आचार्य चाणक्य के अनुसार पुरुषों की तुलना में महिलाओं में दुस्साहस बहुत होता है। इस दुस्साहस के कारण महिलाएं कई बार ऐसे काम भी कर देती हैं, जो पुरुष सोच भी नहीं सकते।