फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान: शुक्ल और कृष्णमार्ग से गए हुए लोग

Sat, 22 Feb 2020 04:20 PM IST
योगेश जोशी स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी Published by: योगेश जोशी Updated Sat, 22 Feb 2020 04:20 PM IST
विज्ञापन
bhagavad gita on death and dying

कहते हैं कि चारों वेदों का सार उपनिषद है और उपनिषदों का सार गीता है। गीता में कहा गया है कि शुक्ल पक्ष में मृत्यु को प्राप्त व्यक्ति वापस नहीं आता और कृष्ण पक्ष में मृत्यु को प्राप्त व्यक्ति को फिर जन्म लेना होता है। इसीलिए भीष्म ने अपना शरीर तब तक नहीं छोड़ा था, जब तक कि उत्तरायण का शुक्ल पक्ष नहीं आ गया था।



 

bhagavad gita on death and dying

सामान्य रूप से लाखों लोग शुक्ल पक्ष में मरते हैं और लाखों कृष्ण पक्ष में, तो क्या शुक्ल पक्ष में मरने वाले सभी लोगों को मोक्ष मिल जाता है? क्या वे फिर जन्म नहीं लेते। दरअसल, यह बात उन लोगों के लिए है, जो योगी या अनन्य भक्त हैं। आम तौर पर व्यक्ति मरने के कुछ समय बाद दूसरा जन्म ले लेता है, लेकिन जो पाप कर्मी है, उसे नए जन्म में कठिनाई होती है।

 

bhagavad gita on death and dying

गीता में कहा गया है कि शरीर त्यागकर गए हुए योगीजन तो वापस न लौटने वाली गति को प्राप्त होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
bhagavad gita on death and dying

यह भी महत्वपूर्ण है कि शरीर का त्याग किस काल में किया गया है। इसे ही जन्म और मरण का मार्ग कहा गया है। जिस मार्ग में अग्नि देव हैं, दिन के देवता हैं, शुक्ल पक्ष और उत्तरायण के छह महीनों के देवता हैं, उस मार्ग से गए योगीजन ब्रह्म को प्राप्त होते हैं।

 

विज्ञापन
bhagavad gita on death and dying

जिस मार्ग में रात्रि और कृष्ण पक्ष के देवता हैं, उस मार्ग से गए सकाम योगी चंद्रमा की ज्योति को प्राप्त होते हैं और अपने शुभ कर्मों का फल भोगकर वापस आ जाते हैं (गीता अध्याय 8/24, 25)। इसका आशय यह है कि दो ही तरह के मार्ग सनातन माने गए हैं- शुक्ल और कृष्ण या देवयान और पितृयान। एक से गया हुआ व्यक्ति वापस नहीं आता और दूसरे से गया हुआ वापस आता है।

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed