दिसंबर माह का आखिरी सप्ताह साल 2019 का भी आखिरी सप्ताह होगा। इस सप्ताह की शुरुआत हिन्दू पंचांग की पौष माह कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि से हुआ है, जबकि सप्ताह का अंत पौष शुक्ल पक्ष की तृतीया में होगा। आइए जानते हैं इस सप्ताह के प्रमुख व्रत एवं त्योहार..
दिसंबर महीने के आखिरी हफ्ते के प्रमुख व्रत और त्योहार
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प्रदोष व्रत, 22 दिसंबर 2019
इस वर्ष का आखिरी प्रदोष व्रत 23 दिसंबर को है। यह प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है और सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष कहते हैं। सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव भक्तों के लिए खास है। इस दिन जो भी व्यक्ति भगवान शिव की पूजा करेगा और व्रत रखेगा उस पर भोलेनाथ की विशेष कृपा बनी रहेगी।
क्रिसमस डे, 25 दिसंबर 2019
क्रिसमस डे, हर साल 25 दिसंबर को ईशा मसीह के जन्मदिन की खुशी में मनाया जाता है। यूं तो ईसाईयों के पवित्र ग्रंथ बाइबल में जीसस क्राइस्ट के जन्म की तारीख का कोई जिक्र नहीं है। लेकिन इसके बावजूद भी हर वर्ष 25 दिसंबर के दिन ही उनके जन्मदिन को क्रिसमस के रूप में मनाया जाता है। रोम में 336 ई.पूर्व में पहली बार 25 दिसंबर के दिन क्रिसमस मनाया गया था। इसके बाद कुछ वर्षों बाद पोप जुलियस ने आधिकारिक रूप से जीसस क्राइस्ट का जन्मदिवस 25 दिसंबर के दिन मनाने का ऐलान कर दिया।
पौष अमावस्या, 26 दिसंबर 2019
हिन्दू धर्म ग्रन्थों में पौष मास को बहुत ही पुण्य फलदायी बताया गया है। धार्मिक और आध्यात्मिक चिंतन-मनन के लिए यह माह श्रेष्ठ होता है। पौष अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए उपवास रखने से न केवल पितृगण बल्कि ब्रह्मा, इंद्र, सूर्य, अग्नि, वायु, ऋषि, पशु-पक्षी समेत भूत प्राणी भी तृप्त होकर प्रसन्न होते हैं।
सूर्य ग्रहण, 26 दिसंबर 2019
6 दिसंबर 2019 को इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 08 बजकर 17 मिनट पर लगेगा और 10 बजकर 57 मिनट में समाप्त होगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार यह सूर्य ग्रहण पौष माह की अमावस्या के दिन मूल नक्षत्र और धनु राशि में लगेगा। ग्रहण का सूतक काल सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले ही लग जाएगा। आइए जानते हैं सभी राशियों पर सूर्य ग्रहण का क्या प्रभाव पड़ेगा।