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Sankashti Chaturthi 2022: आज है अंगारकी संकष्टी चतुर्थी, जानिए पूजा विधि और महत्व

Tue, 19 Apr 2022 12:41 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Tue, 19 Apr 2022 12:41 PM IST
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Sankashti Chaturthi 2022 date puja vidhi and shubh muhurt in hindi
विकट संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock

Sankashti Chaturthi 2022: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, प्रत्येक माह की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन विघ्नहर्ता गणेश की आराधना पूरे विधि-विधान से की जाती है। आज यानी 19 अप्रैल को वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी तिथि के नाम से जानते हैं। वहीं यदि चतुर्थी तिथि मंगलवार को हो तो उसे अंगारकी चतुर्थी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गौरी पुत्र गणेश की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दिन गणेश जी की पूजा, व्रत, कथा और आरती आदि करके उन्हें भोग आदि लगाया जाता है। गणेशजी को विघ्नहर्ता कहा जाता है। चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से उनके भक्तों के सारे दुख दूर हो जाते हैं। तो चलिए आज जानते हैं विकट संकष्टी चतुर्थी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व... 

Sankashti Chaturthi 2022 date puja vidhi and shubh muhurt in hindi
विकट संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
वैशाख संकष्टी चतुर्थी का शुभ मुहूर्त

वैशाख संकष्टी चतुर्थी आज यानी मंगलवार, 19 अप्रैल को शाम 04 बजकर 38 मिनट से लेकर बुधवार, 20 अप्रैल को दोपहर 01 बजकर 52 तक रहने वाली है। वहीं आज के दिन 11 बजकर 55 से 12 बजकर 46 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जो पूजा के लिए सबसे अच्छा समय होता है। 

Sankashti Chaturthi 2022 date puja vidhi and shubh muhurt in hindi
विकट संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
पूजन विधि

संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह उठकर स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद गणेश भगवान की पूरी विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें और उन्हें तिल, गुड़, लड्डू, दुर्वा, चंदन और मोदक अर्पित करें। 

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Sankashti Chaturthi 2022 date puja vidhi and shubh muhurt in hindi
विकट संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि और महत्व - फोटो : istock

कहा जाता है कि संकष्टी चतुर्थी के दिन 'ॐ गं गणपतये नम:' मंत्र का जाप, गणेश स्तुति, गणेश चालीसा और संकट चौथ व्रत कथा पढ़नी चाहिए। वहीं पूजा खत्म होने के बाद गणेश जी की आरती जरूर पढ़ें। 

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Sankashti Chaturthi 2022 date puja vidhi and shubh muhurt in hindi
विकट संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि और महत्व - फोटो : istock

इसके बाद में रात में चांद निकलने से पहले गणेश भगवान की फिर से पूजा करें। चंद्रोदय के बाद दुग्ध से चंद्रदेव को अर्घ्य देकर पूजन करें पूजन समाप्ति के बाद ही अन्न का दान करें और भगवान से प्रार्थना भी करें। इसके बाद फलाहार ग्रहण करें।  

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