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Sankashti Chaturthi 2022: आज है विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी, जानें पूजन विधि और महत्व

Tue, 13 Sep 2022 01:37 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Tue, 13 Sep 2022 01:37 PM IST
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Vighnaraja Sankashti Chaturthi 2022 Date Puja Vidhi Muhurat Moon Rising Time And Importance
कब है विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी? जानें तिथि, पूजन विधि और महत्व - फोटो : iStock

Vighnaraja Sankashti Chaturthi 2022 Date: प्रत्येक माह में दोनों पक्षों की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है। हर माह में पड़ने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि संकष्टी चतुर्थी और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि विनायक चतुर्थी कहलाती है। अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रत रखकर विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा करने से सभी प्रकार के विघ्न दूर होते हैं। साथ ही जीवन में सुख समृद्धि आती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी के दिन चार बेहद शुभ योग बन रहे हैं। इन योगों में प्रथम पूज्य देवता गणेश जी की पूजा करने पर व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है। तो चलिए जानते हैं विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी की तिथि और शुभ योग के बारे में.... 

Vighnaraja Sankashti Chaturthi 2022 Date Puja Vidhi Muhurat Moon Rising Time And Importance
कब है विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी? जानें तिथि, पूजन विधि और महत्व - फोटो : iStock

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 2022 तिथि एवं मुहूर्त
आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 13 सितंबर 2022 को सुबह 10 बजकर 37 मिनट से शुरू होगी। वहीं इसका समापन बुधवार, 14 सितंबर 2022 को सुबह 10 बजकर 23 मिनट पर होगा। ऐसे में विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का व्रत 13 सितंबर को रखा जाएगा। 

Vighnaraja Sankashti Chaturthi 2022 Date Puja Vidhi Muhurat Moon Rising Time And Importance
कब है विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी? जानें तिथि, पूजन विधि और महत्व - फोटो : iStock

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के दिन बन रहे ये खास योग
पंचांग के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी के दिन वृद्धि योग, ध्रुव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं। इस दिन वृद्धि योग सुबह 07 बजकर 37 मिनट तक है। इसके बाद ध्रुव योग लगेगा। इसके अलावा अलावा इस दिन सुबह 06 बजकर 36 मिनट से लेकर अगले दिन सुबह 06 बजकर 05 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी है। पूजा अर्चना के लिए ये योग बेहद शुभ हैं। कहा जाता है कि इन योग में भगवान गणेश जी की पूजा करने पर हर विघ्न दूर हो जाते हैं।

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Vighnaraja Sankashti Chaturthi 2022 Date Puja Vidhi Muhurat Moon Rising Time And Importance
कब है विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी? जानें तिथि, पूजन विधि और महत्व - फोटो : istock

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी पूजन नियम
चतुर्थी तिथि के दिन प्रातः स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के व्रत का संकल्प लें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी की पूजा चंद्रोदय से पहले की जाती है। 

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कब है विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी? जानें तिथि, पूजन विधि और महत्व - फोटो : istock

पूजा के लिए एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछा लें। फिर चौकी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। गणपति बप्पा को अक्षत, धूप, दीप, कपूर, लौंग और दूर्वा अर्पित करें। चंदन का तिलक लगाने के बाद लड्डू का भोग लगाएं। इस दिन गणेश जी की आरती और मंत्रों का जाप करना न भूलें।

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