फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Vat Savitri Vrat: 30 मई को है वट सावित्री व्रत, जानें मुहूर्त, तिथि से लेकर महत्व तक सब कुछ

Wed, 18 May 2022 08:57 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 18 May 2022 08:57 AM IST
विज्ञापन
Vat Savitri Vrat know the Date Time tithi importance of bargad amavasya vrat
वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन रखा जाता है। - फोटो : self

Vat Savitri Vrat 2022 : वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन रखा जाता है। इस साल वट सावित्री व्रत मई महीने की 30 तारीख, सोमवार को रखा जाएगा। हिन्दू धर्म में इस व्रत का खास महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण बचाए थे। इसलिए वट सावित्री व्रत को विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं। विवाहित महिलाएं इस व्रत को विधि-विधान के साथ रखती हैं। इसके लिए विशेष पूजा सामग्री का ध्यान रखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को पूर्ण श्रद्धा से रखने पर पति की लंबी आयु व संतान प्राप्ति फलित होती है। इस दिन विवाहित महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं, उसकी परिक्रमा करती हैं और उसके चारों ओर कलावा बांधती हैं। वैसे तो अमावस्या तिथि ही अपने आप में महत्वपूर्ण तिथि होती है। लेकिन ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती भी मनाई जाती है। आइए जानते हैं वट सावित्री व्रत का पूजा मुहूर्त, व्रत सामग्री, व्रत विधि और महत्व।

Vat Savitri Vrat know the Date Time tithi importance of bargad amavasya vrat
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती भी मनाई जाती है। - फोटो : amar ujala

वट सावित्री व्रत तिथि
30 मई, 2022, सोमवार
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 29 मई, 2022, दोपहर 02:54 बजे से 
अमावस्या तिथि का समापन: 30 मई, 2022, सांय 04:59 बजे

Vat Savitri Vrat know the Date Time tithi importance of bargad amavasya vrat
वट सावित्री व्रत के दौरान यह पूजन सामग्री लाएं। - फोटो : amar ujala

पूजा सामाग्री

  • सावित्री-सत्यवान की प्रतिमाएं
  • बांस का पंखा 
  • लाल कलावा या मौली या सूत
  •  लाल वस्त्र पूजा में बिछाने के लिए
  • धूप-दीप
  • घी-बाती 
  • पुष्प
  • फल
  • कुमकुम या रोली 
  • सुहाग का सामान
  • पूरियां, गुलगुले, चना, (भोग के लिए)
  • बरगद का पेड़, 
  • जल भरा हुआ कलश
विज्ञापन
विज्ञापन
Vat Savitri Vrat know the Date Time tithi importance of bargad amavasya vrat
वट सावित्री व्रत विवाहित महिलाओं के अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है। - फोटो : amar ujala

वट सावित्री व्रत का महत्व
वट सावित्री व्रत विवाहित महिलाओं के अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है। वट सावित्री व्रत सावित्री से जोड़ा गया है। मान्यता है  कि सावित्री अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस ले आईं थी। इस व्रत में महिलाएं सावित्री के समान अपने पति की दीर्घायु की कामना देवताओं से करती हैं ताकि उनके पति को सुख-समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और दीर्घायु प्राप्त हो सके। जिन दम्पतियों की संतान नहीं है, इस दिन के व्रत से संतान की भी प्राप्ति होती है।

विज्ञापन
Vat Savitri Vrat know the Date Time tithi importance of bargad amavasya vrat
वट सावित्री के व्रत के दिन वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। - फोटो : अमर उजाला

क्यों की जाती है बरगद की पूजा 
वट सावित्री के व्रत के दिन वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार बरगद के वृक्ष में सभी देवी-देवता वास करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु एवं टहनियों में भगवान शंकर का निवास होता है। इस पेड़ की नीचे की ओर लटकती शाखाएं, देवी सावित्री का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए वट वृक्ष की पूजा से हर मनोकामना शीघ्र पूर्ण होती है। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा करने से पति की लंबी आयु होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed