प्रत्येक वर्ष दो बार वट सावित्री का व्रत किया जाता है। एक बार ज्येष्ठ मास की अमावस्या को यह व्रत किया जाता है तो वहीं कई स्थानों पर इसके पंद्रह दिनों के बाद ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को भी वट सावित्री का व्रत किया जाता है। उत्तर भारत के कई स्थानों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उड़ीसा में वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को किया जाता है तो वहीं महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिणी भारतीय राज्यों यह व्रत ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को किया जाता है। इस बार अमावस्या का व्रत किया जा चुका है और पूर्णिमा तिथि का वट सावित्री व्रत 24 जून 2021 दिन बृहस्पतिवार को किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार वट के वृक्ष के नीचे ही सावित्री के पति सत्यवान को जीवनदान मिला था, इसलिए इस व्रत में वट के वृक्ष का पूजन किया जाता है और उसमें सूत बांधा जाता है। तो आइए जानते हैं वट सावित्री व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पूजा में लगने वाली सामाग्री।
vat purnima 2021: इस दिन है वट पूर्णिमा, जानें महत्व तिथि, पूजा विधि और पूजा सामाग्री की पूरी लिस्ट
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Tue, 22 Jun 2021 05:23 PM IST
सार
उत्तर भारत के कई स्थानों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उड़ीसा में वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को किया जाता है तो वहीं महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिणी भारतीय राज्यों यह व्रत ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को किया जाता है।
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