आज से पावन वैशाख का महीना शुरू हो चुका है। हिंदू पंचाग के अनुसार यह साल का दूसरा महीना है। शास्त्रों के अनुसार इस महीने में किए गए पुण्य कार्यों का फल कई जन्मों तक मिलता है। मान्यता है कि वैशाख मास में इन शुभ कार्यों को करने से आपके जीवन में सुख-सौभाग्य की बरसात होगी। इस माह के बारे में कहा गया है कि जो भी व्यक्ति जरूरतमंद लोगों की सहायता करता है एवं दूसरों की सेवा करता है,उस पर भगवान विष्णु कृपा करते है।
वैशाख मास आरंभ, भगवान विष्णुजी का आशीर्वाद पाने के लिए करें ये शुभ काम
सूर्योदय से पूर्व स्नान
इस मास में गंगाजी या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना बहुत पुण्यकारी माना गया है। परन्तु कोरोना महामारी के चलते अभी यह करना संभव नहीं है। परन्तु आप घर में ही सूर्योदय से पूर्व स्न्नान करके पुण्य लाभ उठा सकते हैं। मान्यता है कि विधिवत स्न्नान करने से भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है। यदि आप नदियों में स्नान करने नहीं जा सकते तो आप घर में ही थोड़ा सा गंगाजल नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करें। मान्यता यह भी है कि वैशाख अमावस्या के दिन विधिवत स्नान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।
शास्त्र कहते हैं कि पूजा, तपस्या, यज्ञ आदि से भी श्री विष्णु को उतनी प्रसन्नता नहीं होती, जितनी कि प्रातः स्नान कर जगत को प्रकाश देने वाले भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से होती है। इसलिए पूर्व जन्म और इस जन्म के सभी पापों से मुक्ति और भगवान सूर्य नारायण की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रत्येक मनुष्य को नियमित सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य को अर्घ्य अवश्य प्रदान करना चाहिए।
पीपल की पूजा
मान्यता है कि रविवार को छोड़कर नियमित रूप से पीपल की पूजा को बहुत अच्छा माना जाता है अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष में पितरों का वास होता है। इस दिन पीपल और भगवान विष्णु का पूजन किया जाए तो सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। लक्ष्मी जी की कृपा पाने के लिए इस दिन मीठे जल में दूध मिलाकर चढ़ाएं, क्योंकि इस दिन पीपल के पेड़ पर मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। पूजन के बाद पीपल की 11 या 21 बार परिक्रमा करके जीवन में आने वाली सभी समस्याएं खत्म होने के लिए प्रार्थना करें।
वैशाख माह में दान का बहुत महत्व बताया गया है। अन्न,जल, दूध, फल, चावल,जूते और छाता दान करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। गरीबों, साधु, महात्मा तथा ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए और उन्हें जरूरत की वस्तुएं दान करनी चाहिए।