प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय नेपाल यात्रा पर हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने मां सीता की जन्मस्थली जनकपुर में स्थित जानकी मंदिर से की। यह एक ऐतिहासिक स्थल है। मान्यतानुसार शादी से पहले सीता माता यहां रहा करती थीं। आगे की स्लाइड्स में जानें इस मंदिर से जुड़े रोचक तथ्य...
सीता माता को समर्पित यह मंदिक हिंदू-राजपूत वास्तुकला पर आधारित है। नेपाल में इसे सबसे महत्त्वपूर्ण राजपूत स्थापत्यशैली माना जाता है। 4860 वर्ग फीट क्षेत्र में फैले इस मंदिर का निर्माण भारत के टीकमगढ़ की रानी वृषभानु कुमारी ने 1911 ईसवी में करवाया था।
इस मंदिर की तत्कालीन लागत नौ लाख रुपये थी। इस कारण से स्थानीय लोग इसे नौलखा मंदिर भी कहते हैं। इस मंदिर में सीता जी की एक प्रतिमा रखी हुई है। कहा जाता है कि यह प्रतिमा मंदिर के निर्माण से पहले की है।
इस प्रतिमा से जुड़ी कहानी बताई जाती है कि 1657 में संन्यासी शुरकिशोरदास को इस जगह पर सीता माता की प्रतिमा मिली थी। शुरकिशोरदास ही आधुनिक जनकपुर के संस्थापक भी थे।
मंदिर परिसर और इसके आसपास 115 सरोवर एवं कुण्ड हैं जो मंदिर आए श्रद्धालुओ के लिए आकर्षण का केंद्र होते हैं। इस मंदिर की एक बड़ी खासियत यह है कि 15-16 पुजारियों की टीम यहां 24 घंटे कीर्तन करती हैं। पिछले 56 सालों से यहां 24 घंटे भजन-कीर्तन हो रहा है।