फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

वसंत पंचमी 2018: ऐसे ही नहीं प्रगट हुई थीं देवी सरस्वती, ब्रह्राजी को करने पड़े थे जतन

Thu, 18 Jan 2018 08:58 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 18 Jan 2018 08:58 AM IST
विज्ञापन
story behind goddess saraswati birth on vasant panchami

22 जनवरी को वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। हर साल माघ शुक्ल पंचमी को मां सरस्वती की पूजा होती है। वसंत पंचमी को मां सरस्वती के प्रगट होने का दिन माना जाता है। वेद और पुराणों में बताया गया है कि ज्ञान और वाणी की देवी मां सरस्वती इसी दिन प्रगट हुई थी इस कारण से इस तिथि को सरस्वती जन्मोत्सव भी कहा जाता है। आइए जानते हैं कैसे हुईं देवी सरस्वती प्रगट।


 
story behind goddess saraswati birth on vasant panchami

माता सरस्वती के प्रगट होने के पीछे जो कथा है उसके अनुसार सृष्टि का निर्माण कार्य पूरा करने के बाद ब्रह्राजी ने जब अपनी बनाई सृष्टि को देखा तो उन्हें लगा कि  उनकी सृष्टि मृत शरीर की भांति शांत है। इसमें न तो कोई स्वर है और न वाणी जिसके कारण चारों ओर मौन छाया रहता है। तब ब्रह्राजी ने अपनी परेशानी भगवान विष्णु के पास गए और उदासीन सृष्टि के विषय में बताया।

story behind goddess saraswati birth on vasant panchami

विष्णु जी से सलाह लेकर ब्रह्मा ने अपने कमण्डल से जल छिड़का और देवी सरस्वती का आह्ववान किया। देवी सरस्वती हाथों में वीणा लेकर प्रगट हुई। ब्रह्राजी ने उन्हें अपनी वीणा से सृष्टि में स्वर भरने का अनुरोध किया। देवी सरस्वती ने जैसे ही वीणा के तारों को छुआ उससे सा शब्द फूट पड़ा। इसी से संगीत के पहले स्वर का जन्म हुआ। सा स्वर के कंपन से ब्रह्रा जी की बनाई गई सृष्टि में ध्वनि का संचार होने लगा।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
story behind goddess saraswati birth on vasant panchami

देवी के वीणा के मधुरनाद से संसार के समस्त जीव-जन्तुओं को वाणी प्राप्त हो गई। जलधारा में कोलाहल व्याप्त हो गया। पवन चलने से सरसराहट होने लगी। तब ब्रह्मा ने उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती कहा। सरस्वती को बागीश्वरी, भगवती, शारदा, वीणावादनी और वाग्देवी सहित अनेक नामों से पूजा जाता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed