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Somvati Amavasya 2021 Date: सोमवती अमावस्या आज, जानें मुहूर्त, व्रत नियम और महत्व

Mon, 12 Apr 2021 08:09 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Mon, 12 Apr 2021 08:09 AM IST
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Somvati Amavasya 2021 Date muhurat vrat vidhi and significance of Somvati Amavasya
सोमवती अमावस्या 2021 - फोटो : अमर उजाला

आज सोमवती अमावस्या है। चैत्र माह की यह अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ी है। यह इस साल की इकलौती सोमवती अमावस्या है। धार्मिक मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन स्नान, दान-पुण्य और दीपदान करने का बहुत महत्व है। इस दिन गंगा या अन्य किसी पवित्र नदी अथवा जलकुंड में स्नान करना बहुत फलदाई है। परन्तु इस साल कोरोना महामारी के चलते नदियों में स्न्नान करना संभव न हो तो घर पर सूर्योदय से पूर्व नहाने के जल में गंगा जल डालकर स्न्नान कर सकते हैं। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन यदि कोई व्यक्ति कुछ धर्म-कर्म करता है तो उसके जीवन के कष्ट दूर होते है। 

Somvati Amavasya 2021 Date muhurat vrat vidhi and significance of Somvati Amavasya
सोमवती अमावस्या 2021 - फोटो : अमर उजाला

चैत्र अमावस्या का शुभ मुहूर्त
अमावस्या तिथि आरंभ- 11 अप्रैल 2021 दिन रविवार को प्रातः 06 बजकर 05 मिनट से 
अमावस्या तिथि समाप्त- 12 अप्रैल 2021 दिन सोमवार को प्रातः 08 बजकर 02 मिनट पर 

Somvati Amavasya 2021 Date muhurat vrat vidhi and significance of Somvati Amavasya
सोमवती अमावस्या 2021 - फोटो : अमर उजाला

चैत्र अमावस्या की पूजा विधि

  • चैत्र अमावस्या के दिन प्रातः जल्दी उठें।
  • इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी, जलाशय या कुंड आदि में स्नान करें।
  • सूर्योदय के समय भगवान सूर्यदेव को जल का अर्घ्य दें।
  • इस दिन कर्मकांड के साथ अपने पितरों का तर्पण करें।
  • पितरों की आत्मा की शांति के लिए व्रत रखें।
  • आज के दिन जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें।
  • ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
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Somvati Amavasya 2021 Date muhurat vrat vidhi and significance of Somvati Amavasya
सोमवती अमावस्या 2021 - फोटो : अमर उजाला
चैत्र अमावस्या का महत्व

हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार अमावस्या तिथि पित्तरों के दर्पण के लिए समर्पित है। इसलिए इस दिन पित्तरों की आत्मा की शांति के लिए उपवास रखा जाता है। खासकर जो लोग पितृ दोष से पीड़ित हैं उनके लिए अमावस्या व्रत इस दोष के निवारण के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं अन्य माह की अमावस्या के समान चैत्र अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करना श्रेष्ठ माना गया है। ऐसा करने से पितरों को मुक्ति मिलती है।

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