ज्योतिष विज्ञान में शुक्रवार के उपाय करने से कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है। जिसके फलस्वरूप उपाय करने वाले जातक को माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं। ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार के आसान उपाय बताए गए हैं जिसकी मदद से आप माता लक्ष्मी को प्रसन्न कर अपनी आर्थिक परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए क्या करना चाहिए....
धन पाने की है अभिलाषा तो शुक्रवार के दिन जरूर करें ये चार काम
मां लक्ष्मी की पूजा करें
शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की पूजा भी करनी चाहिए।
मां लक्ष्मी को पुष्प अर्पित करें
मां लक्ष्मी को पुष्प अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करना चाहिए। मां लक्ष्मी की पूजा में गुलाबी रंग के फूलों का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है।
मां को भोग लगाएं
भोग लगाने से मां प्रसन्न होती हैं और सभी मनोकामनाओं को पूरा करती हैं। आप इच्छानुसार मां लक्ष्मी को सात्विक भोजन का भोग लगा सकते हैं। भोग में कुछ मीठा भी शामिल करें। अगर संभव हो तो मां को हलवा, खीर का भोग भी लगाएं।
मां लक्ष्मी की आरती करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मां लक्ष्मी जी की आरती इस प्रकार है-
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुम को निश दिन सेवत, हर विष्णु विधाता....
ॐ जय लक्ष्मी माता...।।
उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता
सूर्य चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता
ॐ जय लक्ष्मी माता...।।
दुर्गा रूप निरंजनि, सुख सम्पति दाता
जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि सिद्धि धन पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता...।।
तुम पाताल निवासिनी, तुम ही शुभ दाता
कर्म प्रभाव प्रकाशिनी, भव निधि की त्राता
ॐ जय लक्ष्मी माता...।।
जिस घर तुम रहती सब सद्गुण आता
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता
ॐ जय लक्ष्मी माता...।।
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता
खान पान का वैभव, सब तुमसे आता
ॐ जय लक्ष्मी माता...।।
शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता...।।
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता
ॐ जय लक्ष्मी माता...।।