शनि ग्रह आज से 141 दिनों तक वक्री अवस्था में रहेंगे। इसके बाद शनिदेव 11 अक्तूबर 2021 को मार्गी होकर गोचर करेंगे। शनि देव की उल्टी चाल 23 मई की दोपहर 2 बजकर 23 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी। ये अपनी ही राशि मकर में वक्री हो जाएंगे जो चार माह बाद 11 अक्टूबर को सुबह 07 बजकर 58 मिनट पर फिर से मार्गी होंगे।
Shani Vakri 2021: आज से 141 दिनों तक शनि चलेंगे उल्टी चाल, इन तीन राशियों को करते हैं मालामाल
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ज्योतिष शास्त्र में शनि को एक क्रूर ग्रह माना जाता है। किसी व्यक्ति के ऊपर इसकी टेढ़ी नजर पड़ जाए तो उस व्यक्ति के जीवन में समस्याओं का भंडार लग जाता है। इसकी चाल धीमी है इसलिए जातकों के जीवन पर इसका असर लंबे समय तक रहता है। शनि महाराज जातकों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। हालांकि तीन राशियों पर शनि देव की विशेष कृपा भी देखने को मिलती है। ये तीन राशियां हैं-
तुला राशि शनिदेव की प्रिय राशि में से एक है। यह शनि ग्रह की उच्च राशि कहलाती है। इस राशि के स्वामी शुक्रदेव है। इस राशि के जातक कर्मठ और ईमानदार होते हैं। ये काफी प्रतिभाशाली और प्रभावशाली व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं। इस राशि पर शनि हमेशा प्रसन्न रहते हैं। कर्मठ स्वभाव के कारण शनिदेव इन पर विशेष कृपा बरसाते हैं। शनि की कृपा होने के कारण इनका भाग्य हमेशा साथ देता है। वहीं इस राशि का स्वामी शुक्र होने के कारण इनका जीवन सुख-सम्पन्नता और विलासितापूर्वक बीतता है।
इस राशि के जातकों पर शनि देव की विशेष कृपा बरसती है। जिस कारण से जीवन के हर तरह सुख को प्राप्त करते हैं। मकर राशि के जातक बहुत ही भाग्यशाली होते हैं। इनका कोई भी कार्य किसी बाधा के बिना पूरा हो जाता है। इस राशि के स्वामी स्वयं शनि ग्रह हैं।
कुंभ राशि के मालिक स्वयं शनि महाराज हैं। शनिदेव का आशीर्वाद हमेशा कुंभ राशि वालों के साथ रहता है। इस राशि के जातकों का व्यक्तित्व भी गरीबों और असहायों की मदद करना होता है। इस वजह से शनिदेव इस राशि पर प्रसन्न होते हैं और जीवन को हमेशा कष्टविहीन बनाने में जातक की मदद करते हैं। इस राशि के जातक काफी धनवान और मान-सम्मान को प्राप्त करने वाले होते हैं।