Shani Pradosh Vrat 2023 : हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। अलग-अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष की महिमा अलग-अलग होती है। प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा पाने के लिए किया जाता है। प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष को आता है। यह व्रत दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यदि प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ता है तो इसे सोम प्रदोषम कहते हैं। जब यह मंगलवार के दिन आता है तो इसे भौम प्रदोषम कहते हैं और शनिवार के दिन इसे शनि प्रदोषम कहते हैं। यह व्रत सूर्यास्त के समय पर निर्भर करता है। शनि प्रदोष व्रत फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को है। शनि प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की पूजा करते हैं और अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करके व्रत को पूरा किया जाता है। शनि प्रदोष व्रत करने से पुत्र की प्राप्ति होती है। इस व्रत के प्रभाव और शिव कृपा से व्यक्ति को संतान सुख मिलता है। आइए जानते हैं शनि प्रदोष व्रत की तिथि, शिव पूजा मुहूर्त के बारे में।
Shani Pradosh Vrat 2023 Date: संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है शनि प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Sun, 12 Feb 2023 12:47 AM IST
सार
शनि प्रदोष व्रत फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को है। शनि प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की पूजा करते हैं और अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करके व्रत को पूरा किया जाता है।
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