Sawan Vinayak Chaturthi 2024: विनायक चतुर्थी व्रत सावन माह में श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन विनायक चतुर्थी का व्रत करने और विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। जिस प्रकार चतुर्दशी की मासिक तिथि भगवान शिव को समर्पित है, उसी प्रकार चतुर्थी की मासिक तिथि भी भगवान शिव के पुत्र श्री गणेश को समर्पित है। सावन विनायक चतुर्थी के व्रत के दिन शिव योग और रवि योग बन रहा है। इस दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र भी है। ऐसा माना जाता है कि विनायक चतुर्थी व्रत के दौरान चंद्रमा को देखना वर्जित है। धार्मिक मान्यता है कि चतुर्थी व्रत करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। यह सावन की दूसरी चतुर्थी होगी। वहीं, पहली चतुर्थी सावन कृष्ण पक्ष की थी। आइए जानते हैं सावन में विनायक चतुर्थी किस दिन होगी और कौन से शुभ योग बनेंगे ।
Sawan Vinayak Chaturthi 2024: कब है सावन की विनायक चतुर्थी व्रत ? यहां जानें तिथि पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व
सावन विनायक चतुर्थी 2024 कब है?
पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि आरंभ: 7 अगस्त, बुधवार, रात्रि 10: 05 मिनट से
श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि समाप्त: 8 अगस्त, गुरुवार, देर रात 12 बजकर 36 मिनट पर
ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, सावन की विनायक चतुर्थी 8 अगस्त को है। इसी दिन चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा।
सावन विनायक चतुर्थी 2024 मुहूर्त
विनायक चतुर्थी के दिन पूजा का मुहूर्त : प्रातः 11:07 मिनट से दोपहर 01: 46 मिनट तक।
सावन की विनायक चतुर्थी के दिन पूजा के लिए 2 घंटे 40 मिनट का शुभ मुहूर्त है।
शुभ योग में सावन विनायक चतुर्थी 2024
सावन विनायक चतुर्थी के दिन शिव योग और रवि योग बनता है। विनायक चतुर्थी व्रत के दिन सुबह से 12:39 तक शिव योग है, उसके बाद सिद्ध योग बनता है। योगाभ्यास के लिए शिव योग अच्छा माना जाता है। विनायक चतुर्थी के व्रत वाले दिन रवि योग भी बनता है। रवि योग शाम 5:47 से 23:34 तक रहेगा।
विनायक चतुर्थी पर न देखें चंद्रमा
8 अगस्त को विनायक चतुर्थी पर चंद्रमा का उदय रात्रि 8 बजकर 59 मिनट पर होगा। वहीं, चंद्रमा का अस्त रात्रि 9 बजकर 21 मिनट पर होगा। विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने की मनाही है, क्योंकि इस दिन देखने से झूठा कलंक लगता है। इसलिए इस दिन चंद्रमा को देखना वर्जित माना जाता है। .