Sawan Pradosh Vrat 2023 List: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दो बार त्रयोदशी तिथि पड़ती है। एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में। दोनों त्रयोदशी तिथि शिव जी को समर्पित है। इस दिन भगवान भोलेनाथ के भक्त व्रत रखते हैं और प्रदोष काल में विधि-विधान से पूजा करते हैं। कहा जाता है कि प्रदोष व्रत को करने शिव जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों का जीवन सुख-शांति और समृद्धि से भर देते हैं। त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष काल में माता पार्वती और भगवान भोलेशंकर की पूजा की जाती है। जो भी जातक नियम और निष्ठा से प्रदोष व्रत रखता है उसके सभी कष्टों का नाश होता है। इस साल अधिकमास होने की वजह से सावन में कुल 4 प्रदोष व्रत रखे जाएंगे। ऐसे में चलिए जानते हैं इस साल सावन में प्रदोष व्रत कब-कब रखें जाएंगे...
Sawan 2023: सावन में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? जानें पूजा विधि, मुहूर्त और महत्व
| 14 जुलाई, शुक्रवार | प्रदोष व्रत |
| 30 जुलाई रविवार | प्रदोष व्रत |
| 13 अगस्त, रविवार | प्रदोष व्रत |
| 28 अगस्त, सोमवार | प्रदोष व्रत |
प्रदोष पूजा विधि
सावन में प्रदोष व्रत वाले दिन प्रात: स्नान आदि करके साफ कपड़े पहन लें। इसके बाद भोलेनाथ को याद करके व्रत एवं पूजा का संकल्प करें। फिर शाम के शुभ मुहूर्त में किसी शिव मंदिर जाकर या घर पर ही भगवान शिव शंकर की विधिपूर्वक पूजा करें।
Mangala Gauri Vrat: बहुत खास है इस बार सावन का पहला दिन, गौरी-शंकर साथ मिलकर देंगे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद
पूजा के दौरान गंगाजल और गाय के दूध से शिवलिंग अभिषेक करें। फिर सफेद चंदन का लेप लगाएं। भगवान भोलेनाथ को अक्षत, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी का पत्ता, सफेद फूल, शहद, भस्म, शक्कर आदि अर्पित करें। इस दौरान ओम नमः शिवाय मंत्र का उच्चारण करते रहें।
पूजा के बाद शिव चालीसा, गुरु प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें। घी का दीपक जलाएं और शिव जी की आरती करें। इसके बाद क्षमा प्रार्थना से करते हुए पूजा का समापन करें और शिवजी के सामने अपनी मनोकामना व्यक्त करें।